मथुरा। जीआरपी भारीभरकम इलाके से परेशान है। मथुरा जीआरपी का क्षेत्र आगरा में बिल्लोचपुरा तक लगता है। अब अधिकारी इस क्षेत्र को कम कराने के लिए पैरवी कर रहे हैं। मथुरा आ रहे आईजी के सामने भी यह मुद्दा रखा जाएगा। अंग्रेजों के जमाने से मथुरा जीआरपी की सीमा आगरा में बिल्लोचपुरा तक है। यह मथुरा से 55 किलोमीटर दूर है, जबकि आगरा जीआरपी की रिपोर्टिंग चौकी राजामंडी से यह इलाका मात्र 800 मीटर दूर है। बिल्लोचपुरा तक के क्षेत्र में कोई घटना होने पर आगरा जीआरपी सेक्शन में न आकर मथुरा जीआरपी को सूचना देती है। मथुरा जीआरपी घंटों बाद आगरा पहुंचती है, तब अगली प्रक्रिया शुरू होती है। कई बार आगरा के स्थानीय लोगों के ट्रेन की चपेट में आने से मौत हो जाने पर उनके शव को जीआरपी पोस्टमार्टम के लिए आगरा की जगह मथुरा पोस्टमार्टम हाउस लेकर आती है। मरने वालों के परिवारीजनों को आगरा के बजाए मथुरा के चक्कर लगाने पड़ते है। जीआरपी प्रभारी गौरव सक्सैना ने बताया सीमांकन सुधार के लिए दर्जनों पत्र पूर्व में लिखे गए हैं और आला अधिकारियों को बताया गया लेकिन आज तक किसी ने समस्या का समाधान नहीं कराया।