ठाकुर गोदारंगमन्नार का स्वागत किया गया।
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वृंदावन (मथुरा)। रंगनाथ मंदिर के ब्रह्मोत्सव के समापन पर भक्तों द्वारा फूलों एवं रंगों की रंगोली सजाकर ठाकुर गोदारंगमन्नार का स्वागत किया गया। मंदिर से लेकर रंगजी बगीचा मार्ग तक कई स्थानों पर भक्तों ने फूलों एवं अबीर गुलाल एवं सूखे रंगों से विभिन्न प्रकार की रंगोली बनाई।
भक्तों ने प्राचीन सिंहपौर मंदिर परिसर के पीछे फूलों की रंगोली में झील में खिलते कमल पुष्प की झांकी के साथ मछलियों के तैरने के चित्रण को प्रदर्शित किया। फूलों की रंगोली में गुलाब, मोगरा, गेंदा और हरी पत्तियों का उपयोग किया गया। वहीं गोविंददेव मंदिर के सामने रंगलक्ष्मी संस्कृत विद्यालय के समीप अबीर गुलाल व सूखे रंगों से बनाई गई रोली में केरल के तट पर उगते सूरज के साथ गांव के प्राकृतिक सौंदर्य को बखूबी दर्शाया।
रंग पुरोधा पं. विजय किशोर मिश्र ने कहा कि भारतीय संस्कृति और जीवन शैली में पारंपरिक उत्सव, त्योहार व पर्वों पर रंगोली बनाए जाने की प्राचीन परंपरा रही है। आनंद स्वरूप गंगाजी वाले बाबा, शंभूचरण पाठक, अनुराग शर्मा, शशांक शर्मा, लक्की पंडित, गोविंद शर्मा, राजीव शुक्ला, ब्रजभूषण मिश्रा, नन्नी गौड़, नीरज शर्मा, योगेश पाठक उपस्थित थे।