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यमुना में बालू खनन बर्दाश्त नहीं

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यमुना - फोटो : डेमो
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कोसीकलां (मथुरा)। यमुना में बालू खनन के विरोध में शनिवार को गांव शेरनगर में महापंचायत हुई। पंचायत में बालू खनन का विरोध करने का एलान किया। ग्रामीण बोले, खनन से गांव खतरे में आ जाएंगे। जबकि किसानों की उपजाऊ भूमि को खनन लील रहा है। किसानों के गले पर फावड़ा नहीं चलने दिया जाएगा। गांव शेरनगर की चौपाल पर आसपास के गांवों की महापंचायत का आयोजन किया गया। पंचायत में ग्रामीणों ने कहा कि खनन से शेरनगर रामपुर, बढ़ा शहजादपुर, विशंभरा, मंझोई, शेरनगर, फूलगढी, बुद्धगढी, रूपनगर, धानौता, सुजावली, बरका, बुखरारी, हुसैनी, रामपुर, जटवारी, उझानी, शेरगढ़ एवं आसपास के गांवों की जमीन के लिए संकट पैदा हो जाएगा। बरसात के दिनों में यमुना गांवों तक पहुंच जाएगी जबकि किसानों की फसल तो किसी भी कीमत पर नहीं बचेगी। खनन से यमुना गांवों की ओर कटान करेगी। जिससे किसानों एवं तलहटी के गांवों को नुकसान ही नुकसान है। इसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। राष्ट्रीय लोकदल नेता कुंवर नरेंद्र सिंह, राजपूत महासभा के अध्यक्ष ठा. भजन सिंह ने कहा कि खनन का पुरजोर विरोध किया जाएगा। पंचायत निर्णय किया कि हर संभव स्तर पर खनन के विरोध कर किसी भी स्तर के खनन को नहीं होने दिया जाएगा। चाहे इसके लिए कितनी भी लड़ाई क्यों न लड़नी पड़े। अमीचंद मुकदम, श्याम सिंह, भूपसिंह सहजादपुर, शहीद प्रधान, मोहरपाल सिंह सहजादपुर, लक्ष्मण प्रधान बढ़ा, प्रेमपाल प्रधान, बंशो प्रधान, शेरा प्रधान, लोकमणि प्रधान, बदन, अजय पाल सिंह प्रधान शेरनगर, मुरारी नेता, हुकम मास्टर, धर्मवीर सिंह, बाबूलाल प्रधान, हरेकिशन सिंह थे।
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