मथुरा। निकाय चुनाव के लिए कमर कस रही कांग्रेस में टिकट को लेकर कलह शुरू हो गई है। मंगलवार को जिला कार्यालय पर हुई बैठक में खूब हंगामा हुआ। नेताओं पर टिकट बेचने तक के आरोप लगाए गए। कुछ नेताओं ने बीच में पड़कर मामले को शांत कराया। मंगलवार को जिला कार्यालय पर कांग्रेस के पदाधिकारी जुटे थे। मौका था मेयर और पार्षद के लिए आवेदन का। मेयर के लिए करीब 10 दावेदारों ने आवेदन दिए और पार्षद पद के लिए कुल 285 ने आवेदन किया। आवेदन का सिलसिला चल ही रहा था कि कुछ पुराने कांग्रेसियों ने टिकट वितरण व्यवस्था पर ही सवाल खड़े करना शुरू कर दिया। एक कांग्रेस नेता ने तो यहां तक कह डाला कि शहर में तो पैसे लेकर टिकट दिए जाते हैं। इस पर कुछ लोगों ने एतराज जताते हुए हंगामा शुरू कर दिया। बाद में कुछ नेताओं ने स्थिति को संभाला और हंगामा कर रहे लोगों को खामोश किया। बाद में वरिष्ठ कांग्रेसियों ने चुनाव को लेकर अपने-अपने सुझाव दिए। बैठक करीब तीन घंटे तक चली। जिलाध्यक्ष सोहन सिंह सिसौदिया ने बताया कि टिकट वितरण में इस दफा पूरी पारदर्शिता बरती जाएगी। उन्होंने कहा कि टिकट न मिलने से नाराज कार्यकर्ता कभी-कभी आरोप प्रत्यारोप लगाते हैं। जिलाध्यक्ष के अनुसार छाता, कोसी, नंदगांव, बरसाना, गोवर्धन, सौंख, फरह, बलदेव, महावन, गोकुल, राया, बाजना, चौमुंहा नगर पंचायत के अध्यक्ष और पार्षद पदों के लिए भी कार्यकर्ताओं ने आवेदन किए हैं। बैठक का संचालन विनेश सनवाल वाल्मीकि ने किया। इस दौरान प्रमुख रूप से रमेश दत्त शर्मा, एड. वीरेश चतुर्वेदी, नूतन बिहारी पारीख, लटूरी सिंह, लता चौहान, श्यामबिहारी पालीवाल, भगवान दास मौर्या, दिनेश सरदार, बांकेलाल राजपूत, अब्दुल जब्बार, महेंद्र प्रताप गौतम, दिनेश पाठक आदि मौजूद रहे।