वृंदावन (मथुरा)। केंद्र और प्रदेश सरकार वृंदावन में रह रहीं विधवा और बेसहारा महिलाओं को सुविधाएं देने के प्रति गंभीर हैं। सरकार अपनी ओर से आश्रय सदनों में अच्छा माहौल बनाने का प्रयास कर रही है। इसी कड़ी में राज्य सरकार द्वारा वृंदावन के पांचों महिला आश्रय सदनों को मिलाकर एक कर दिया गया है। अब सभी पांचों आश्रय सदनों को अलग-अलग नाम से न जानकर वृंदावन आश्रय सदन के नाम से जाना जाएगा। चैतन्य विहार महिला आश्रय सदन के प्रभारी संतोष मिश्रा बताया कि ज्ञानगुद्ड़ी के भूत गली स्थित मीरा सहभागिनी रासबिहारी एवं लीला कुंज पागल बाबा महिला आश्रय सदन के साथ चैतन्य विहार फेस 1 में एक परिसर में स्थित तीनों स्वधार महिला आश्रय सदनों को एक कर दिया गया है। आश्रय सदनों को एक करने से सरकारी मदद अलग-अलग ना आकर इकट्ठा एक ही स्थान पर आएगी। दुर्गादासी, ऊषा देवी, दुलारी, शांति ने सरकार के इस कदम का स्वागत करते हुए कहा कि इससे महिलाओं को लाभ होगा। आश्रय सदन अधीक्षिका गीता दीक्षित का कहना है कि अलग-अलग सदन होने से सरकारी मदद मिलने में जो कठिनाई आतीं थीं उनसे राहत मिलने की उम्मीद है।