कासगंज। चार दिन पहले गंगा के कटान से कटे नगला खंदारी, नेथरा के बांध की मरम्मत का कार्य फिलहाल पूरा नहीं हो सका है। अब तक 40 मीटर लंबे बांध में करीब एक लाख से अधिक रेत की बोरियां लगाई जा चुकी हैं। करीब 15 फीट ऊंचाई में बांध को दुरुस्त किया जा रहा है। 100 से अधिक श्रमिक लगातार बांध की मरम्मत के कार्य में जुटे हैं। बृहस्पतिवार को कार्य पूरा होने की उम्मीद है। वहीं बैराजों से डिस्चार्ज बढ़ने के कारण गंगा का जलस्तर में शाम से बढ़ेगा। नेथरा, नगला खंदारी का बांध काफी महत्वपूर्ण है। इस बांध के कटान से कई गांव को खतरा हो सकता है। इसलिए सिंचाई विभाग बांध की मरम्मत और मजबूती में कोई कसर नहीं छोड़ना चाह रहा। यहां आपदा कब बड़ा रूप अख्तियार कर ले, कुछ कहा नहीं जा सकता। ग्रामीण भी पल-पल बांध की मरम्मत का कार्य पूरा होने का इंतजार कर रहे हैं। गंगा के पानी बढ़ने के कारण बांध की मरम्मत के कार्य में चुनौती बन सकती है। इस बात को लेकर ग्रामीण चिंतित हैं। वहीं जिन ग्रामीणों के खेत कटान में कटे हैं वे भी चिंतित हैं। गंगा में बुधवार को हरिद्वार से डिस्चार्ज काफी बढ़ गया। 24 घंटे में करीब 30 हजार क्यूसेक का डिस्चार्ज हरिद्वार से बढ़ गया। अभी और डिस्चार्ज बढ़ने की उम्मीद की जा रही है। ऐसी स्थिति में बृहस्पतिवार को शाम से बढ़ने वाला जलस्तर फिर चुनौती बनेगा। बुधवार को सिंचाई विभाग के अभियंता खुद मौके पर डटे रहे और मरम्मत का कार्य कराते रहे।