मैनपुरी। थाना किशनी क्षेत्र के एक गांव से एक किशोरी को 16 साल पहले डरा धमकाकर अपने साथ ले जाकर उसके साथ दुष्कर्म करने वाले को स्पेशल जज ईसी एक्ट मीता सिंह ने 10 साल की सजा सुनाई है। उस पर 17 हजार हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। उसको हिरासत में लेकर जेल भेजा गया है।
थाना किशनी क्षेत्र के एक गांव से 14 साल की किशोरी को उसके पड़ोस में रहने वाली महिला श्रीदेवी 12 सितंबर 2007 को शौच के बहाने अपने साथ ले गई। गांव के बाहर ले जाकर किशोरी को सिपाहीलाल को सौंप दिया। सिपाहीलाल किशोरी को अपने साथ ले जाकर दुष्कर्म किया। किशोरी की तहरीर पर पुलिस ने रिपोर्ट नहीं लिखी। अधिकारियों के आदेश पर 21 सितंबर को श्रीदेवी, सिपाहीलाल, लालाराम, राजाराम के खिलाफ रिपोर्ट लिखी गई।
पुलिस ने किशोरी को बरामद करके उसका मेडिकल कराने के बाद चार्जशीट कोर्ट में भेज दी। मुकदमे की सुनवाई स्पेशल जज ईसी एक्ट मीता सिंह की कोर्ट में हुई। अभियोजन पक्ष की ओर से वादी, विवेचक, चिकित्सक, किशोरी सहित गवाहों ने गवाही दी। गवाही के आधार पर सिपाही लाल को दुष्कर्म करने का दोषी पाया गया। एडीजीसी विश्वजीत राठौर और पुष्पेंद्र सिंह चौहान ने दुष्कर्मी को कड़ी सजा देने की दलील दी। स्पेशल जज मीता सिंह ने दुष्कर्मी को 10 साल की सजा सुनाकर 17 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
महिला को छह साल की सजा सुनाई
श्रीदेवी को किशोरी को ले जाने का दोषी पाया गया। गांव के बाहर ले जाकर किशोरी को गांव के ही सिपाही लाल को सौंपने का आरोप गवाही में साबित हो गया। स्पेशल जज ईसी एक्ट मीता सिंह ने श्रीदेवी को छह साल की सजा सुनाई है। उस पर सात हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। लालाराम और राजाराम के खिलाफ आरोप साबित नहीं हो पाने पर उनको बरी कर दिया गया है।
किशोरी की गवाही पर हुई सजा
अदालत में किशोरी ने श्रीदेवी और सिपाही लाल की पहचान की। उसने गवाही में बताया कि श्रीदेवी उसको शौच के बहाने घर से ले गई। गांव के बाहर ले जाकर सिपाही लाल को सौंप दिया। सिपाहीलाल उसको डरा धमकाकर अपने साथ ले गया था। सिपाहीलाल ने ही उसके साथ दुष्कर्म किया था। विरोध करने पर जान से मारने की धमकी दी थी।