लूट और हमले के दोषी को 10 साल की सजा
स्पेशल जज डकैती के न्यायालय में चला मुकदमा, 20 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया
संवाद न्यूज एजेंसी
मैनपुरी। थाना घिरोर क्षेत्र में 25 साल पहले दो भाइयों से लूट करके जानलेवा हमला करने वाले लुटेरे को स्पेशल जज डकैती पूनम राजपूत ने 10 साल की सजा सुनाई है। उस पर 20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। सजा सुनाने के बाद उसको हिरासत में लेकर जेल भेजा गया है।
जिला फिरोजाबाद के थाना नसीरपुर के गांव लखनपुर के रहने वाले सतेंद्र अपने चचेरे भाई अवधेश के साथ 17 अगस्त 1999 को बाइक से अवधेश की ससुराल गांव ढकरई थाना घिरोर जा रहे थे। कोसमा रेलवे स्टेशन के पास फाटक बंद होने पर बाइक रोक दी। उसी समय दो लुटेरों ने सतेंद्र से चार हजार रुपये तथा नकदी लूट ली। अवधेश के विरोध करने पर उसको तमंचे से गोली मार दी। फायर की आवाज सुनकर लोगों को आते देख एक लुटेरा भाग गया। एक को ग्रामीणों ने पकड़कर पुलिस को सौंप दिया। सतेंद्र ने पकड़े गए लुटेरे नन्हा बंजारा निवासी बनामई थाना वैदपुरा जिला इटावा सहित दो के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई।
पुलिस ने जांच करके मुकदमे की सुनवाई करने के लिए चार्जशीट न्यायालय में भेज दी। मुकदमे की सुनवाई स्पेशल जज डकैती पूनम राजपूत के न्यायालय में हुई। गवाही के आधार पर नन्हा बंजारा को लूट और जानलेवा हमले का दोषी पाया गया। एडीजीसी राकेश गुप्ता और रोहित शुक्ला ने उसको कड़ी सजा देने की दलील दी। स्पेशल जज डकैती पूनम राजपूत ने उसको 10 साल की सजा सुनाकर 20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। सजा सुनाने के बाद उसको न्यायालय से हिरासत में लेकर जेल भेजा गया है।