लखनऊ। यूपी कंबाइड मेडिकल एंट्रेंस एग्जाम (सीपीएमटी)-2013 के मेधावियों को प्रदेश के चिकित्सा शिक्षण संस्थान ज्यादा नहीं भा रहे हैं। संसाधनों की कमी के चलते मेधावी प्रदेश के बजाय नई दिल्ली समेत दूसरे क्षेत्रों की ओर रुख करना ज्यादा बेहतर समझते हैं। हालांकि, राजधानी के किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू) में मौका मिले तो वे रुकने को तैयार हैं। प्रदेश के चिकित्सा शिक्षण संस्थानों में दाखिले के लिए आयोजित सीपीएमटी में राजधानी के मेधावियों ने अपना जलवा बिखेरा हैं। चार मेधावियों ने टॉप 20 में जगह पाई है जबकि 100वीं रैंक के अंदर 10 से ज्यादा मेधावी अपनी जगह पाने में सफल रहे हैं। ये मेधावी सीपीएमटी में सफल जरूर रहे हैं लेकिन इनमें से तमाम प्रदेश के बाहर ही पढ़ाई करने के इच्छुक हैं। सीपीएमटी में दूसरा स्थान पाने वाले राजधानी के रघुनंदन एम्स को अपनी प्राथमिकता बताते हैं। एम्स मेडिकल एग्जाम में 20वां स्थान पाने वाले रघुनंदन कहते हैं कि वहां मौके ज्यादा हैं जबकि प्रदेश के संस्थान में आवश्यक शिक्षण सामग्री तक उपलब्ध नहीं है। वहीं, रोहित सिंह (6 रैंक) कहते हैं कि मेडिकल के लिए प्रदेश में कानपुर मेडिकल कॉलेज और लखनऊ में केजीएमयू के अलावा कोई भी ऑप्शन नहीं है। यह दोनों कॉलेज भी तकनीक के मामले में काफी पीछे चल रहे हैं। दीक्षा शर्मा (7 रैंक) जेआईपीएमईआर में दाखिले को वरीयता दे रही हैं। हालांकि, केजीएमयू में अवसर मिलने पर एक बार विचार करने को वे तैयार हैं। रघुनंदन की तरह अनिकेत मिश्र (16 रैंक) की पहली पसंद भी एम्स ही है। अरविंद दीक्षित (40 रैंक) ने केजीएमयू में दाखिला लेने का मन बनाया है।