लखनऊ। बहन के साथ छेड़छाड़ करने पर दोस्त ने अपने तीन साथियों के साथ मिलकर हिस्ट्रीशीटर दया शंकर यादव (24) की हत्या की थी और खुदकुशी साबित करने के लिए शव रेलवे ट्रैक पर फेंक दिया था। हत्या में शामिल दो आरोपियों की हिस्ट्रीशीटर से जमीन विवाद की रंजिश थी। बृहस्पतिवार को कृष्णानगर पुलिस ने अनौरा हत्याकांड का खुलासा कर एक आरोपी को दबोच लिया है। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर आरोपी के पास से आला कत्ल भी बरामद किया है। पुलिस फरार आरोपियों की तलाश में छापेमारी कर रही है। पुलिस की मानें तो पकड़ा गया आरोपी दया शंकर को मोबाइल मरम्मत के बहाने चुंगी चौराहा लाया और शराब पिलाई। फिर उसे उसके ट्यूबवेल पर ले गया, जहां पहले से उसके तीन दोस्त मौजूद थे। चारों ने मिलकर बिजली का तार लपटने वाले इंसुलेटर से कूंच-कूंचकर दया शंकर को ठिकाने लगा दिया। कृष्णानगर के विजयनगर चौकी प्रभारी अनुराग उपाध्याय की मानें तो हिस्ट्रीशीटर दया श्ंाकर कई माह से गांव के बबलू सिंह यादव की बहन को परेशान कर रहा था। बीते 15 जून को दयाश्ंाकर ने बबलू की बहन को स्कूल जाते वक्त रोका और धमकी दी कि यदि तुमने मेरी बात नहीं मानी तो तुम्हारे भाई की हत्या कर दूंगा। यह बात छात्रा ने अपने भाई से बताई। इस पर बबलू ने जमीन विवाद में दया से रंजिश चल रही वासदेव सिंह, वीरू सिंह और मान सिंह से संपर्क किया। फिर, चारों ने दया शंकर को ठिकाने लगाने की साजिश रची। इसके तहत बबलू बीते 28 जून को दयाशंकर के घर पहुंचा और मोबाइल मरम्मत के बहाने उसे चुंगी चौराहे ले गया। वहां उसने दयाशंकर को जमकर शराब पिलाई और फिर गांव के बाहर दया शंकर के ट्यूबल पर गया। जहां वासदेव सिंह, वीरू सिंह और मान सिंह पहले से मौजूद थे। चारों ने दयाशंकर पकड़ लिया और बिजली के तार लपेटने वाले इंसुलेटर से कूंच-कूंचकर बेरहमी से हत्या क र दी। पुलिस ने बृहस्पतिवार दोपहर आरोपी बबलू को ट्रांसपोर्ट नगर के पास से दबोच लिया। पुलिस ने आरोपी बबलू की निशानदेही पर आला कत्ल भी बरामद कर लिया। पकड़े गए आरोपी ने अपना जुर्म कबूल लिया है।