लखनऊ। मुद्दे वही जो आपसे जुड़े हैं, घटनायें वहीं जो हमारे सामने होती हैं, लेकिन हम न उन्हें ध्यान से देख पाते हैं और न ही आपस में जोड़ पाते हैं। ऐसे ही मुद्दों और घटनाओं को जोड़कर नाटक ‘एक बकरी के बहाने’ से मंच पर उकेरा गया। मौका रहा वाल्मीकि प्रेक्षागृह में चल रहे यायावर रंगमंडल, यहोवा अकादमी और लायन्स क्लब के उल्लास बाल पर्व-2013 की कार्यशाला प्रस्तुतियों का। तीसरे दिन बुधवार को यहां 18 बच्चों की दल ने सुनील चतुर्वेदी के निर्देशन में लगभग एक घंटे की अवधि के मंचित हुए नाटक में समाज में घट रहे कई मुद्दों और समस्याआें को उठाया।