लखनऊ। राजधानी के लिए रविवार को आंधी-पानी मुसीबत लेकर आया। आंधी के कारण लेसा के पच्चीस 33/11 उपकेंद्रों की बिजली उड़ गई। इससे राजधानी के एक चौथाई हिस्से की बिजली आपूर्ति ठप हो गई। पुराने शहर में बिजली के साथ ही पानी का संकट भी उत्पन्न हुआ। उतरेटिया उपकेंद्र की 33 केवी लाइन में फॉल्ट आने के कारण पूरा इलाका अंधेरे में रहा। विरोध में तीन जगहों पर लोगों ने हंगामा कर नाराजगी व्यक्त की। 132 केवी नीबू पार्क पारेषण उपकेंद्र में तार बंधी पतंग से बचने के लिए लगाया गया जाल शाम करीब पांच बजे आंधी से उड़कर 132 केवी लाइन पर जा गिरा। इसके कारण 220 केवी हरदोई रोड उपकेंद्र से आने वाली 132 के दो सर्किट बंद हो गए। इससे बालाघाट, गऊघाट, चौपटिया, नादान महल रोड, विक्टोरिया, नीबू पार्क, मेडिकल कालेज, रेजीडेंसी, अमीनाबाद, हनुमान सेतु, इक्का स्टैंड डालीगंज, लखनऊ विश्वविद्यालय के 33/11 केवी उपकेंद्र्र बंद हो गए। पौन घंटे बाद सर्किट नंबर एक चालू हुआ तो मेडिकल कॉलेज, रेजीडेंसी, अमीनाबाद एवं हनुमान सेतु की बिजली चालू की गई। वहीं अन्य उपकेंद्रों की बिजली चालू करने के लिए सर्किट नंबर दो को रात करीब नौ बजे जोड़ा जा सका। नीबू पार्क एवं चौपटिया उपकेंद्र पर रात को लोगों ने हंगामा कर बिजली चालू करने की मांग की। इसी प्रकार शाम पांच बजे एनकेएन (नबीकोटनंदना) पारेषण उपकेंद्र से निकली 33 केवी की दो ओवरहेड लाइनें आंधी के दौरान आपस में टकरा गईं। इस कारण जोरदार धमाका होने के बाद उपकेंद्र के तीन पावर ट्रांसफार्मर बंद हो गए। ये ट्रांसफार्मर तो रात 8 बजे चालू हो गए लेकिन बीकेटी, बौरूमऊ, इटौंजा, इंजीनियरिंग कॉलेज, न्यू यूनिवर्सिटी, जीएसआई, अहिबरनपुर, पुरनिया, मलिहाबाद व माल उपकेंद्रों की बिजली आपूर्ति रात नौ बजे तक सामान्य नहीं हो सकी। इसके बाद शहरी इलाके के 33 केवी फीडर तो चालू कर दिए गए पर गांवों में घुप अंधेरा रहा। मोहनलालगंज के एसडीओ पीपी सिंह ने बताया कि आंधी के दौरान पीजीआई पारेषण उपकेंद्र से आने वाली 33 केवी लाइन में खराबी आने के कारण उतरेटिया उपकेंद्र ठप हो गया है। फॉल्ट को खोजकर बिजली चालू करने की कोशिश चल रही है। रात में यहां पर भी हंगामा हुआ।