फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

आलीशान बंगलों से बेदखल होंगे स्मारकों के अफसर

Sat, 01 Jun 2013 05:30 AM IST
Lucknow
विज्ञापन
विज्ञापन
लखनऊ। स्मारकों के कॅामर्शियल इस्तेमाल और अन्य उपयोगों को लेकर बनाई गई रूपरेखा अगले दो महीने में लागू हो जाएगी। फिलहाल मीटिंग में हुए फैसलों को लेकर स्मारकों के उन अधिकारियों में सबसे अधिक डर लग रहा है, जिनके आलीशान मकान राज्य संपत्ति विभाग अपने कब्जे में लेगा। हालांकि अभी तक इन आवासों को खाली करने का कोई नोटिस नहीं जारी किया गया है। वहीं, रमाबाई रैली स्थल ही मुख्य रूप से उन स्थलों का गढ़ होगा, जहां शादी ब्याह और अन्य उपयोग किए जाएंगे। इसमें यहां की पी-4 पार्किंग को यूपी रोडवेज के हवाले कर दिया जाएगा। यहां से एक इंटरस्टेट बस टर्मिनल संचालित किया जाएगा। स्मारकों के अधिकारियों के लिए मान्यवर कांशीराम स्मारक स्थल के नजदीक 18 आवास बनाए गए हैं। इनमें स्मारकों के अधिकारी रहते हैं। राज्य संपत्ति विभाग की तमाम कॉलोनियों में कहीं भी इतने शानदार मकान नहीं हैं। बौद्ध स्थापत्य पर बनाए गए मकान तमाम आधुनिक सुविधाओं से युक्त हैं। टाइप 4 के इन मकानों में तीन बेडरूम, एक ड्राइंग रूम, डाइनिंग रूम, लॉबी, कई बाथरूम, लॉबी व लॉन हैं। प्रबंधक प्रशासन ज्योति कुमार दीक्षित, प्रबंधक योगेंद्र कुमार, अपर्णा सरकार भौमिक, सहायक प्रबंधक माहेश्वरी प्रसाद, अवधेश कुमार कुशवाहा, नरेंद्र कुमार अभिनव सिंह, सहायक लेखाधिकारी विजय कुमार सिंह और स्मारक सुरक्षा वाहिनी के उप सेनानायक सुनील कुमार इनमें रह रहे हैं। इन आवासों को राज्य संपत्ति विभाग नए सिरे से आवंटित करेगा।
विज्ञापन

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें