लखनऊ। प्लॉट आवंटन के नाम पर एलडीए का बाबू जालसाजी कर रहा था। जालसाज बाबू ने अपने एक साथी के साथ मिलकर पारा आश्रयहीन योजना में प्लॉट आवंटन के नाम पर आठ लोगों से लाखों रुपए हड़प लिए। यही नहीं जालसाजों ने आठों अवंटियों को फर्जी एलॉटमेंट लेटर भी सौंप दिया। खुलासा होने के बाद पैसा वापस मांगने पर जालसाजों ने जान से मारने की धमकी दी। सोमवार को एक आवंटी की तहरीर पर पुलिस ने धोखाधड़ी का मामला दर्ज एलडीए बाबू के साथी को दबोच लिया। पुलिस गिरफ्त में आए जालसाज ने अपना जुर्म कबूलते हुए कारनामे का मास्टर माइंड एलडीए के बाबू को बताया है। पुलिस एलडीए के बाबू की तलाश में छापे मार रही है। एसओ तालकटोरा विनोद मिश्र के मुताबिक, तालकटोरा के ई-ब्लाक सेक्टर-11 निवासी मनोज कुमार शुक्ला एक निजी कंपनी में नौकरी करते हैं। मनोज व उनकी पत्नी रीता शुक्ला ने शिकायत की थी कि एलडी का बाबू डीएन सिंह व उसके साथी भुवनेश चतुर्वेदी ने पारा के आश्रयहीन योजना में प्लॉट आवंटन के नाम पर अपने जाल में फंसाया और 15 अप्रैल 2010 में मुझसे आवंटन के नाम पर 22.500 रुपए नगद ले लिए। बाकी पैसा उन्होंने किस्तों में देने को कहा। पैसे देने के कुछ दिन बाद एलडीए बाबू डीएन सिंह व भुवनेश ने फर्जी एलॉटमेंट लेटर भी सौंप दिया। जालसाजों ने 15 मई 012 तक मुझसे एडवांस राशि 22.500 रुपए समेत 1.80 लाख किस्त वसूले। जब हम एलॉटमेंट लेटर लेकर प्लॉट देखने गए तो जानकारी मिली कि यहां बनाए गए मकान पूरी तरह जर्जर हैं और उसे ध्वस्त कर दूसरी योजना लाने के तहत मकान बनाने का आदेश दिया जा चुका है। मनोज का कहना है कि जब वह वहां पहुंचे तो अन्य ठगी के शिकार भी वहां मिले जिन्हें एलडीए के बाबू डीएन सिंह व भुवनेश ने ठगा है। पुलिस की मानें तो जालसाजों ने आठों आवंटियों क्रमश: संजय तिवारी व उनकी पत्नी नीलम तिवारी, अनिल शुक्ला व उनकी प्रेम लता शुक्ला एवं सुरेश चंद शुक्ला व उनकी पत्नी कौशल्या शुक्ला से करीब चौदह लाख रुपए हड़प चुका है। पुलिस ने मनोज की तहरीर पर मामले की जांच कराई। जिसमें आरोप सही पाए गए। पुलिस ने मनोज की तहरीर पर दोनों आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर सात अन्य शिकायतकर्ताओं की तहरीर को भी जांच में शामिल कर दिया। पुलिस ने एलडीए के बाबू के साथी भुवनेश चतुर्वेदी को दबोच लिया। राजाजीपुरम के सेक्टर-11 निवासी भुवनेश एक निजी कंपनी में नौकरी करता है। जबकि, एलडीए का बाबू घर छोड़कर फरार हो गया।