लखनऊ। रेलवे की लापरवाही से सोमवार को चारबाग स्टेशन पर एक महिला को जिंदगी से हाथ धोना पड़ा। महिला गोमती एक्सप्रेस में चढ़ने के दौरान ट्रैक पर गिरकर गंभीर रूप से जख्मी हो गई थी। स्टेशन पर मौजूद यात्रियों के अनुसार ऐन मौके पर गोमती एक्सप्रेस का प्लेटफार्म एक नंबर से बदल कर छह कर दिया गया। इससे चलते यात्रियों में हड़बड़ी मच गई। हादसे का शिकार हुई महिला के पहुंचने तक ट्रेन चल दी थी, जिसमें चढ़ने की कोशिश में पैर फिसलने महिला ट्रैक पर गिरकर ट्रेन की चपेट में आ गई। रेलवे के डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद उसे ट्रॉमा सेंटर के लिए रेफर किया लेकिन वहां पहुंचने से पहले ही उसने दम तोड़ दिया। मानसनगर निवासी पुष्पलता (45) पति अनिल के साथ गोमती एक्सप्रेस से फफूंद स्टेशन जाने के लिए चारबाग रेलवे स्टेशन पहुंची और प्लेटफार्म एक पर ट्रेन का इंतजार कर रही थीं। ट्रेन सुबह 7:20 पर प्लेटफार्म पर लगनी थी। कुछ समय पहले ही अचानक ट्रेन का प्लेटफार्म बदलने का एनाउंसमेंट होने से यात्रियों में हड़बड़ी मच गई। पुष्पलता भी पति के साथ किसी तरह प्लेटफार्म नंबर छह पर पहुंची। लेकिन तब तक ट्रेन चल दी थी, जिस पर चढ़ने के दौरान पैर फिसलने से वह ट्रैक पर गिर पड़ीं। महिला के गिरते ही चीखपुकार मच गई। प्लेटफार्म पर तैनात जीआरपी सिपाही वासुदेव, प्रेम नारायण वर्मा और जीतेंद्र मदद के लिए दौड़े और किसी तरह चेन पुलिंग कर ट्रेन रोकी। लेकिन तब तक महिला गंभीर रूप से जख्मी हो चुकी थी। सूचना पर पहुंच रेलवे के डॉक्टरों ने उसे ट्रॉमा सेंटर के लिए रेफर किया। लेकिन वहां पहुंचने से पहले ही उसने दम तोड़ दिया। मृतक के परिवार ने रेलवे पर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि प्लेटफार्म बदलने के बावजूद यात्रियों को पर्याप्त समय नहीं दिया गया। प्लेटफार्म पर लगने के दस मिनट में ही ट्रेन रवाना कर दी गई। इसके चलते हड़बड़ी में पुष्पलता को जान गंवानी पड़ी। उधर, रेलवे अधिकारियों के मुताबिक ट्रेन रविवार को अपने निर्धारित समय रात 10.30 बजे से तीन घंटे लेट डेढ़ बजे के बाद आई थी। साफ-सफाई होने के बाद ट्रेन सुबह 5.30 बजे की जगह सुबह 7.30 बजे रवाना की जा सकी। इसके साथ ही दावा किया कि प्लेटफार्म बदलने का समय रहते एनाउंसमेंट कर दिया गया था।