लखनऊ। प्रतिबंध के बावजूद शहर के कुछ इलाकों में केबल का एनालॉग प्रसारण कर रहे मल्टी सिस्टम ऑपरेटरों (एमएसओ) को अंतिम चेतावनी देते हुए प्रसारण मंत्रालय ने कार्रवाई की तारीख भी तय कर दी है। ऐसे एमएसओ के खिलाफ 15 मई के बाद एक्शन शुरू होगा। इसमें एफआईआर भी दर्ज हो सकती है। इसके लिए मंत्रालय ने दो स्थानीय अधिकारियों को जिम्मेदारी दी है। एनालॉग प्रसारण को लेकर प्रसारण मंत्रालय ने इस कार्रवाई की हिदायत बुधवार को दिल्ली में एमएसओ व संबंधित अधिकारियों की बैठक में मिली सूचनाओं के आधार पर दी। बैठक से लौटे मनोरंजन कर विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक प्रसारण मंत्रालय ने अब लखनऊ सहित प्रदेश के सभी सातों शहर में एनालॉग प्रसारण पर रोक को लेकर सख्त रुख अपनाया है। इसी के चलते मंत्रालय ने एक तरह से एमएसओ को चेतावनी जारी की है कि एनालॉग प्रसारण करने पर 15 मई के बाद उनके खिलाफ कार्रवाई शुरू हो जाएगी। इसके तहत प्रसारण लाइसेंस निरस्त करने के साथ ही एफआईआर भी दर्ज कराई जाएगी। मंत्रालय ने राजधानी में एनालॉग प्रसारण पर प्रतिबंध सुनिश्चित कराने के लिए लखनऊ दूरदर्शन और आकाशवाणी केंद्र के दो अधिकारियों को जिम्मेदारी दी है। दोनों अफसर शहर में अपने स्तर पर एनालॉग प्रसारण की स्थिति का जायजा लेकर सीधे मंत्रालय को रिपोर्ट भेजेंगे। रिपोर्ट के आधार कार्रवाई का निर्णय होगा। राजधानी में मनोरंजन कर विभाग के उपायुक्त सीपी त्रिपाठी के मुताबिक एमएसओ एनालॉग प्रसारण को लेकर दूरदर्शन व आकाशवाणी के अधिकारियों को अपनी रिपोर्ट देंगे।