लखनऊ। कंबाइंड लॉ एडमिशन टेस्ट (क्लैट) का फॉर्म भरने में लापरवाही अभ्यर्थी को परीक्षा में शामिल होने से भी वंचित कर सकती है। लोहिया विधि विश्वविद्यालय सहित देश के प्रमुख नेशनल लॉ कॉलेजों व यूनिवर्सिटी में नए शैक्षिक सत्र के लिए प्रस्तावित क्लैट का आयोजन करने वाली हिदायतुल्ला नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी, रायपुर ने यह चेतावनी जारी की है। क्लैट की अधिकृत वेवसाइट के माध्यम से अभ्यर्थियों को चेताया गया है कि अगर किसी भी आवेदक के फॉर्म में जांच के दौरान गड़बड़ी या अधूरी सूचना पाई गई तो उसका आवेदन बिना सूचना निरस्त कर दिया जाएगा। क्लैट संयोजक ने सुझाव दिया है कि ऐसे आवेदक जिन्हें अपना फॉर्म भरने में गलती का अंदेशा हो या अपेक्षित सूचना को फॉर्म में पूरी तरह नहीं दर्शाया हो, समय रहते नए सिरे से आवेदन कर क्लैट में शामिल होने का मौका पा सकते हैं। फॉर्म भरने की अंतिम तारीख 30 मार्च है। इस दौरान ऑफलाइन या ऑनलाइन आवेदन किया जा सकता है। क्लैट के लिए 15 जनवरी से आवेदन पत्र वितरित करने व जमा कराने का कार्य शुरू हुआ था। ऑफलाइन आवेदन के लिए फॉर्म एसबीआई की हाईकोर्ट व मुख्य शाखा सहित लोहिया विधि विवि परिसर से बांटे जा रहे हैं। क्लैट आयोजन से जुड़ी रायपुर नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी के संयोजक ने बताया कि फॉर्म में दर्ज गलत सूचना या अधूरी जानकारी को ठीक कराने का अनुरोध करने वाले अभ्यर्थियों के आवेदन लगभग रोज आ रहे हैं। नियमों के तहत क्लैट के लिए एक बार फॉर्म जमा करने के बाद इसमें दर्ज किसी भी जानकारी में कोई बदलाव संभव नहीं हो सकता। तय नियमावली के इतर गड़बड़ी वाले फॉर्म बिना सूचना निरस्त करने का अधिकार आयोजक विश्वविद्यालय को है। ऐसे में फॉर्म भरने में गलती का पता चलने के बाद आयोजक विवि स्तर से इसे दुरुस्त कराने की जगह अभ्यर्थी को नया फॉर्म भरने पर ही क्लैट में शामिल होने का मौका मिल सकेगा।