लखनऊ। राजाजीपुरम में अतिक्रमण को शत प्रतिशत न हटाए जाने के बावजूद गलत जानकारी दिए जाने पर नगर निगम के जोनल अधिकारी समेत दो इंजीनियरों की चरित्र पंजिका पर नगर आयुक्त ने प्रतिकूल प्रविष्टि दर्ज करने का आदेश दिया है। विधानपरिषद में नगर विकास मंत्री से सत्र में सवाल पूछा गया था, जिसका जवाब बाद में गलत पाया गया। जांच के बाद इन अधिकारी और अभियंताओं पर यह एक्शन लिया गया है। नगर आयुक्त राकेश कुमार सिंह ने बताया कि राजाजीपुरम में अतिक्रमण को लेकर एक सवाल पूछा गया था। जिसका जवाब देने से पहले वहां कार्रवाई की गई और जवाब में कहा गया कि शत प्रतिशत अतिक्रमण हटा दिया गया था। यह जानकारी नगर विकास मंत्री आजम खान ने सदन में दी गई और बाद में इसे गलत पाया गया। जांच में पता चला कि केवल अस्थायी निर्माण हटाए गए थे, स्थायी निर्माण छोड़ दिए गए। जिससे नाराजगी और बढ़ गई। शासन के आदेश के बाद पूरा निर्माण ढहाने के साथ ही मौके की फोटोग्राफी करा रिपोर्ट शासन को प्रेषित की गई। इसके बाद में अधिकारियों के खिलाफ जांच शुरू की गई और तत्कालीन जोनल अधिकारी-2 आरके गर्ग, अधिशासी अभियंता रमेश कुमार और अवर अभियंता आरएस सोनी को प्रतिकूल प्रविष्ट दी गई है।