लखनऊ। मौनी अमावस्या का स्नान रविवार सुबह किया जाएगा। मौनी अमावस्या को मौन रहकर स्नान-दान करने का विशेष पुण्य रहता है। उधर, स्नान-दान के लिए दिन भर शहर के गोमती घाटों के किनारे साफ-सफाई का अभियान चला। रविवार सुबह चौक के कुड़ियाघाट, महाराजा अग्रसेन घाट, शनि मंदिर घाट समेत कई घाटों पर आस्था की डुबकी लगेगी। बक्शी का तालाब के चंद्रिका देवी मंदिर में भी मौनी अमावस्या के अवसर पर सुबह 4 बजे से ही दर्शनों के लिए दूरदराज से आए भक्तों की कतार लगेंगी। मौनी अमावस्या पर यहां लगभग दो लाख से भी अधिक लोगों के जुटने की उम्मीद है। महानगर निवासी आचार्य प्रदीप ने बताया कि शनिवार को दोपहर 2:12 बजे तक माघ कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी के बाद से अमावस्या लग गई, जो कि रविवार दोपहर 12:49 बजे तक रहेगी। इसलिए मौनी अमावस्या का स्नान रविवार को किया जाएगा। उन्होंने बताया कि मकर राशि पर सूर्य होने के चलते प्रात: सूर्योदय से ढाई घड़ी पहले या लगभग 60 मिनट पहले से मौन स्नान शुरू करना विशेष फलदायी रहेगा। अमृत बेला 3:45 से 4:30 बजे के बीच रहेगी। इसके अलावा ब्रह्म मुहूर्त में भी मौन स्नान करना चाहिए। इस दिन सुबह नदी, घाटों पर या घर में स्नान करते समय काले तिल का दान श्रेयस्कर रहता है। मान्यता है कि मौनी अमावस्या के स्नान के बाद से ही जाड़े की विदाई की तैयारियां होने लगती हैं। उधर, बीकेटी के चंद्रिका देवी मंदिर में मेला विकास समिति की ओर से भी स्नान और पूजन की विशेष तैयारियां की गई हैं।