लखनऊ। लालबाग के वाल्मीकि मार्ग स्थित बेसिक स्कूल की जमीन पर विवादित ग्रुप हाउसिंग मामले में एलडीए प्रशासन अब जल्दी कड़ी कार्रवाई करेगा। इसके तहत चर्चित अयोध्या पैलेस प्रकरण में प्राधिकरण स्तर से पूर्व में स्वीकृत भवन निर्माण नक्शे को निरस्त करने की तैयारी है। इसके लिए बेसिक शिक्षा अधिकारी के स्तर से भवन निर्माण स्थल से जुड़ी रिपोर्ट को आधार बना कार्रवाई होगी। प्राधिकरण अधिकारी बीएसए द्वारा जमीन के स्वामित्व को लेकर दर्ज कराई गई आपत्ति के बाद पूरे मामले को रिव्यू कमेटी में भेजा जाएगा। रिव्यू कमेटी में नटवर गोयल से जुड़े इस पूरे मामले पर चर्चा के बाद नक्शा स्वीकृत कराने से पूर्व जमीन के स्वामित्व के बारेे भ्रमित व गलत सूचना दिए जाने को आधार बना कर धारा 15/9 के तहत कार्रवाई पर अंतिम मुहर लगेगी। पूर्व राज्य मंत्री नटवर गोयल की लालबत्ती छिनने के बाद एलडीए की निगाहें अयोध्या पैलेस पर टेढ़ी हो गई थीं। इसके चलते विभागीय स्तर पर स्वीकृत नक्शा जारी करने पर रोक लगाते हुए बेसिक शिक्षा विभाग को पत्र लिख कर विवादित भूमि के स्वामित्व के संबंध में स्थिति साफ करने को कहा गया था। बीएसए की तरफ से बीती 7 दिसंबर को पत्र संख्या 10843-47 के तहत अयोध्या पैलेस स्थित प्रस्तावित हाउसिंग स्कीम की जमीन को कमल जूनियर हाई स्कूल का संचालन स्थल बताते हुए विद्यालय स्थल के परिवर्तन की अनुमति शासन अथवा विभाग के स्तर से न होने की जानकारी एलडीए सचिव को पत्र भेज कर दी थी। इसी के बाद अब एलडीए प्रशासन नटवर गोयल को घेरने की तैयारी में जुट गया है। अपर सचिव सीमा सिंह ने बताया कि किसी भी हाउसिंग स्कीम का नक्शा स्वीकृत करते समय धारा 15/9 के तहत यह प्रावधान शामिल रहता है कि नक्शा स्वीकृति के बाद भी जमीन के स्वामित्व के संबंध में विवाद उजागर होने अथवा बिल्डर स्तर पर भ्रामक अथवा गलत सूचना के आधार पर नक्शा स्वीकृत कराने पर इसे निरस्त किया जा सकता है। नटवर गोयल के मामले में भी बेसिक शिक्षा अधिकारी की तरफ से प्रस्तावित निर्माण स्थल पर आपत्ति के बाद इसे रिव्यू कमेटी के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा। इसके आधार पर नक्शा स्वीकृत कराने वाले को नोटिस जारी कर एक माह में अपना पक्ष प्रस्तुत करने का मौका देने के बाद स्वामित्व संबंधी विवाद पर पूर्व में स्वीकृत नक्शा निरस्त करने पर निर्णय होगा।