फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Baby On Board: कार के पीछे क्यों लगाया जाता है यह बोर्ड? जानिए क्या है इसका मतलब

Sun, 28 Sep 2025 04:49 PM IST
संकल्प सिंह यूटिलिटी डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Why Baby On Board Sticker Are Used On Car: इस स्टीकर पर बेबी ऑन बोर्ड लिखा होता है। कई बार लोग इसे फैशन या सजावटी चीजों के तौर पर दखते हैं। इस कारण सड़क पर सफर करते समय वे इस तरह के स्टीकर को देखने के बाद नजरअंदाज कर देते हैं।
विज्ञापन
बेबी ऑन बॉर्ड - फोटो : Amar Ujala
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

सड़क पर सफर करते समय कई बार आपने कार की पिछली खिड़की पर एक चमकदार पीला स्टीकर लगा देखा होगा। इस स्टीकर पर बेबी ऑन बोर्ड लिखा होता है। कई बार लोग इसे फैशन या सजावटी चीजों के तौर पर दखते हैं। इस कारण सड़क पर सफर करते समय वे इस तरह के स्टीकर को देखने के बाद नजरअंदाज कर देते हैं।

विज्ञापन


हालांकि, इस स्टीकर का मतलब काफी अलग होता है। इस स्टीकर में एक संदेश छिपा होता है, जो पीछे आ रही गाड़ियों को सतर्क करने का काम करता है ताकि ड्राइवर गाड़ी चलाते समय धैर्य रखे और अपनी गाड़ी को अतिरिक्त संवेदनशीलता के साथ ड्राइव करे। कई लोग अपनी गाड़ी के पीछे इस स्टीकर को लगाते हैं। इस स्टीकर को लोग अपनी गाड़ी के पीछे क्यों लगाते हैं और इसका मतलब क्या होता है? आइए जानते हैं -

इस स्टीकर का कार पर लगाए जान से मतलब होता है कि कार में एक छोटा बच्चा है। यह स्टीकर चालकों को कार चलाते समय अतिरिक्त सावधानी बरतने और सुरक्षित दूरी को बनाए रखने के लिए प्रेरित करता है। कार पर लगे बेबी ऑन बोर्ड का स्टीकर देखने के बाद गाड़ी चला रहा ड्राइवर समझ जाता है कि उसमें शिशु सफर कर रहा है। इस कारण वह स्टीकर को देखने के बाद ज्यादा सावधानी बरतने लगता है। 

Smartphone Tips: स्मार्टफोन बार-बार हैंग हो रहा है? ये टिप्स परफॉर्मेंस को कर सकते हैं बूस्ट

बेबी ऑन बोर्ड स्टीकर के पीछे एक दिलचस्प कहानी है। साल 1984 में माइकल बर्नर एक दिन अपने छोटे भतीजे के साथ कार में सफर कर रहे थे। इस दौरान उन्हें ट्रैफिक में कई तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ा। 

Beehive: घर में मधुमक्खी ने लगा रखा है छत्ता, इन तरीकों से पा सकते हैं छुटकारा

इसी बीच उनके दिमाग में ख्याल आया कि वे कार जिनमें बच्चे सफर करते हैं उनको पहचानने का कोई तरीका होना चाहिए। इसके बाद बर्नर ने इसे बिजनेस के रूप में बदलने के बारे में सोचा और सेफ्टी फर्स्ट नाम की कंपनी बनाई। 

PM Kisan Yojana: समय से पहले किसानों के खाते में भेजी गई 21वीं किस्त, जानिए किन किसानों को मिला लाभ
विज्ञापन

इसके बाद यह बोर्ड काफी लोकप्रिय होने लगा। बिजनेस के शुरू होने के कुछ दिनों बाद खूब सारे बोर्ड बिकने लगे। यह बोर्ड केवल अमेरिका तक ही सीमित नहीं रहा। अमेरिका के अलावा यह ब्रिटेन, यूरोप, जापान तक भी पहुंच गया। इसके बाद यह एक ग्लोबल सेफ्टी मॉडल के रूप में जाना जाने लगा।

Mutual Fund SIP: 10 हजार रुपये बचाकर यहां करें निवेश, इतने वर्षों में बन सकते हैं करोड़पति
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें