जीएसटी के अन्तर्गत हर रजिस्टर्ड व्यापार को एक चालान जारी करने की जरूरत होती है। इसमें एक वैध जीएसटीआईएन होता है। यह इंटीग्रेटेड जीएसटी, राज्य जीएसटी और राज्य जीएसटी का ब्रेकअप दर्शाएगा। हालांकि कई धोखेबाज हर नए सिस्टम की तरह जीएसटी सिस्टम का फायदा उठाने लगे हैं। आप इन तरीकों से उनके बारे में जानकारी हासिल कर सकते हैं।
ऐसे करें पहचान
आधिकारिक जीएसटी पोर्टल https://www.gst.gov.in/ पर जाकर आप जीएसटीआईएन(GSTIN) की जांच कर सकते हैं। इस पोर्टल पर 'सर्च टैक्सपेयर' को जीएसटीआईएन नंबर की जांच के लिए आप चुनें। अगर जीएसटीआईएन नंबर सही है, तो आपके पोर्टल पर उसकी जानकारी मिल जाएगी। अगर नहीं मिलता है, तो वह फर्जी नंबर है।
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अगर आप जीएसटीआईएन फॉर्मेट को समझ लेते हैं, तो भी आप असली और नकली नंबर की पहचान कर सकते हैं। जीएसटीआईएन नंबर 15 अंकों का होता है। पहले दो अंक स्टेट कोड होते हैं, अगले 10 अंक सेलर के या सप्लायर का पैन नंबर होता है, 13वां अंक उसी पैन धारक की इकाई संख्या, 14वां अंक 'Z' अक्षर, और 15वां अंक 'चेकसम डिजिट' होता है।
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कैसे करें नकली जीएसटी चालान की रिपोर्ट?
1- आप जीएसटी पोर्टल पर जाएं, यहां पर 'सीबीईसी मित्र हेल्पडेस्क' और 'रेज वेब टिकट' पर अपनी शिकायत दर्ज कर सकते हैं।
2- cbecmitra.heldesk@icegate.gov.in पर ईमेल भी किया जा सकता है।
3- आप GST के आधिकारिक ट्विटर हैंडल पर जाकर भी अपनी शिकायत कर सकते हैं।