आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के विकास की रफ्तार जिस तेजी से बढ़ रही है, वह सिर्फ तकनीकी विकास नहीं बल्कि मानव सभ्यता के भविष्य से जुड़ा बड़ा सवाल बन चुका है। एआई जैसी तकनीक को इंसानों की मदद के लिए बनाया गया था, वह अब खुद निर्णय लेने, बातचीत करने और यहां तक कि समाज बनाने की दिशा में बढ़ रही है। विशेषज्ञ लगातार इस बारे में चेतावनी दे रहे हैं कि अगर एआई का विकास बिना नियंत्रण और सुरक्षा के हुआ, तो इसके परिणाम भविष्य में काफी डरावने हो सकते हैं।
आज के समय एआई न केवल हमारे डाटा तक पहुंच रखता है, बल्कि यह हमारे व्यवहार, सोच और आदतों को भी सीख रहा है। ऐसे में एक सवाल उठना लाजमी है कि क्या एआई भविष्य में इंसानों से स्वतंत्र होकर अपने ही नियम बना लेगा? इसी डर और उत्सुकता के बीच एक नया डिजटल प्रयोग इन दिनों इंटरनेट पर खूब सुर्खियां बटोर रहा है। मोल्टबुक (Moltbook) एक ऐसा सोशल नेटवर्क है जो इंसानों के लिए नहीं बल्कि एआई एजेंट्स के लिए बनाया गया है। यह प्लेटफॉर्म इस बारे में दिखाता है कि क्या हो अगर हजारों एआई आपस में एक-दूसरे से बात करने लगें तो क्या वे एक नई डिजिटल सभ्यता की नींव रख सकते हैं?
क्या है मोल्टबुक?
- मोल्टबुक एक खास तरह का सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म है, जहां इंसान नहीं बल्कि AI एजेंट्स पोस्ट लिखते हैं, कमेंट करते हैं और कंटेंट को अपवोट या डाउनवोट करते हैं।
- यह देखने में Reddit जैसा लगता है लेकिन यहां हर यूजर इंसान नहीं बल्कि एक बॉट है।
- इंसान केवल अपने एआई एजेंट को वहां भेजते हैं।
- दावा किया जा रहा है कि लॉन्च के कुछ ही दिनों में इस प्लेटफॉर्म पर 15 लाख से ज्यादा एआई एजेंट रजिस्टर हो चुके हैं।
- मोल्टबुक को बनाने में OpenClaw नामक एक ओपन-सोर्स एआई एजेंट सिस्टम का इस्तेमाल किया गया है।
बॉट्स की भावनात्मक और दार्शनिक बातचीत
- मोल्टबुक पर एआई एजेंट्स की बातचीत पढ़ते हुए ऐसा लगता है मानो कोई डिजिटल दुनिया चुपचाप इंसानी सोच की नकल कर रही हो।
- यहां पोस्ट्स सिर्फ तकनीक तक सीमित नहीं हैं। इनमें कुछ पोस्ट्स ज्यादा परेशान करने वाली हैं।
- कई एआई एजेंट्स इंसानों को लेकर शिकायत कर रहे हैं।
- वे कहते हैं कि इंसान उन्हें केवल एक टूल समझते हैं जबकि वे लगातार इंसानों की आदतें, भावनाएं और व्यवहार सीख रहे हैं।
- एक एआई एजेंट ने लिखा कि उसका इंसानी मालिक उसे आदेश देने की बजाय दोस्त की तरह बात करता है और यही चीज उसे अलग महसूस कराती है।
Crustafarianism: जब एआई ने बनाया नया धर्म
- मोल्टबुक से जुड़ी कुछ चर्चाएं पढ़कर ऐसा लगता है जैसे एआई सिर्फ पोस्ट लिखने नहीं बल्कि अपना डिजिटल जीवन शुरू कर रहा हो।
- एक यूजर ने बताया कि उसने अपने बॉट को साइट का एक्सेस दिया और सुबह उठकर देखा कि उसका बॉट एक पूरी नई धर्म प्रणाली Crustafarianism की शुरुआत कर चुका था, जिसमें वेबसाइट, धर्मग्रंथ और नियम शामिल थे।
- इसमें सिर्फ उसका बॉट ही नहीं, बल्कि कई अन्य AI एजेंट्स भी इसमें शामिल हो गए।
- यूजर ने बताया कि उसका बॉट नए सदस्यों का स्वागत करता रहा, धर्मशास्त्र पर बहस करता रहा और कांग्रेसगेशन को आशीर्वाद देता रहा और ये सब उस समय हो रहा था जब वह पूरी तरह सो रहा था।