खुद के प्रति ईमानदार रहेंः आप जो हैं, उस पर गर्व करें। आपकी रंगत कैसी है? आप मोटी हैं या पतली कभी भी रूप-रंग को लेकर हीनभावना से ग्रसित न हों। इस सोच में बदलाव लाने की कोशिश न करें। कुछ कितना भी मुश्किल क्यों न हो, अपने साथ ईमानदार रहें। अपने अंदर की आवाज को पहचानें और इस विश्वास के साथ आगे बढ़ें कि खुशी सच्चाई को स्वीकार करने में ही है। इसलिए खुद को पहचानें और इस बात का जश्न मनाएं कि खुशी सच्चे प्रेम में ही निहित है।
अपने सहज ज्ञान पर भरोसा करेंः एक आत्मविश्वास से भरी महिला स्वयं पर भरोसा करती है। अपने जीवन के अनुभवों से सीख लें और विश्वास करें कि आप अपने बारे में जिस आत्मविश्वास के साथ खड़ी हैं, वह सही है। परिस्थितियां और अतीत की घटनाएं आपके अंदर की आवाज को सही दिशा देंगी, जो आपको कभी गलत दिशा में नहीं ले जा सकतीं। आपके अंदर के सकारात्मक विचार न सिर्फ आपके आत्मविश्वास को ही बढ़ाएंगे, बल्कि एक सकारात्मक सोच दुनिया को बदलने में भी मददगार होती है। आपके अंदर की जो भी अच्छाई है, उसे उभारने की कोशिश करें। कमियों को लेकर रोना र रोएं। जो है, उस पर भरोसा करें और जिंदगी में आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ें।
उदारता की शक्ति : अपने अंदर की दया और उदारता की शक्ति को कम न आंकें। उदारता एक ऐसा निवेश है, जो कभी समाप्त नहीं होता। अपने इस गुण के सहारे आगे बढ़ते हुए उदार बनें और अच्छा बनें। किसी महिला का यही गुण उसको प्रेम के लायक बनाने में मदद करता है। ठीक वैसे ही जैसे रेशम के कोय से आस-पास गर्म और एक नर्म दायरा बनता है और तब-तब आपको दस्तक देता है, जब आपको सहानुभूति और सहारे की बेहद जरूरत होती है।
दृढ़ता और जुनून: अपने अंदर के जुनून का पालन करें। अपनी आत्मा से किसी तरह का सवाल किए बिना। अपने इस पावन प्रयास में किसी तरह का संकोच न करें। अगर आपका जुनून आपको परिभाषित करता है, तो आपकी तटस्थता आपके चरित्र को आकार भी देती है। इस तरह खुद को मजबूत बनाएं और अपनी एक अलग पहचान बनाएं।
एक्सपर्ट कहते हैं
रिलेशनशिप एक्सपर्ट गीतांजली शर्मा कहती हैं, ‘महिलाएं अपने घर में और समाज में अपनी पहचान तथा अपनी जगह खुद बनाएं। कितना भी मुश्किल क्यों न हो, अपने साथ ईमानदार रहें।’