चीन की मोटरसाइकिल बनाने वाली एक कंपनी के संस्थापक झांग शुए ने एक अनोखी उपलब्धि हासिल करते हुए गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया है। उन्होंने मॉडिफाइड MX450 मोटरसाइकिल की मदद से पानी में 40.74 किलोमीटर की दूरी तय की। इसके साथ ही उन्होंने इस श्रेणी में पहले से दर्ज 31.8 किलोमीटर के रिकॉर्ड को तोड़ दिया। यह रिकॉर्ड रविवार को मध्य चीन के हुनान प्रांत के हुआइहुआ शहर के मयांग मियाओ स्वायत्त काउंटी में बनाया गया, जो झांग शुए का गृहनगर भी है।
छह लैप में पूरी की 40.74 किलोमीटर की दूरी
रिकॉर्ड बनाने के लिए झांग शुए ने सुबह 11 बजे एक चौड़ी नदी में निर्धारित जलमार्ग पर अपनी यात्रा शुरू की। इस चुनौती के दौरान उन्होंने छह लैप पूरे किए और बिना किसी बड़ी बाधा के फिनिश लाइन तक पहुंचे। इस प्रयास के दौरान सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे। नदी में रेस्क्यू बोट तैनात थीं और मेडिकल टीम भी किसी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार थी। वहीं, गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स के अधिकारियों ने मौके पर मौजूद रहकर जीपीएस ट्रैकिंग, समय से जुड़े आंकड़ों और वीडियो-ऑडियो रिकॉर्ड की जांच की। गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स के आधिकारिक निर्णायक श्योंग वेन ने मौके पर ही इस रिकॉर्ड की पुष्टि की।
पानी पर चलने के लिए बाइक में किए गए खास बदलाव
- इस उपलब्धि के लिए झांग शुए ने सामान्य मोटरसाइकिल के बजाय मॉडिफाइड MX450 का इस्तेमाल किया।
- बाइक को पानी पर संतुलन बनाए रखने और लंबे समय तक चलने योग्य बनाने के लिए उसमें विशेष फ्लोटेशन स्ट्रक्चर और वाटरप्रूफिंग की व्यवस्था की गई थी।
- पानी में तेज मोड़ लेना, बाइक का संतुलन बनाए रखना और लंबे समय तक शारीरिक थकान से जूझना इस चुनौती के सबसे कठिन पहलुओं में शामिल था।
- झांग की टीम ने इस प्रयास की तैयारी में करीब पांच महीने लगाए।
- इस दौरान बाइक की उछाल क्षमता, वाटरप्रूफ सीलिंग और इंजन की शक्ति के अनुरूप तकनीकी बदलावों पर काम किया गया।
- टीम ने कई बार पानी में परीक्षण किए और स्थिरता से जुड़ी समस्याओं को दूर किया।
17 साल पहले भी की थी कोशिश, चारों प्रयास रहे थे असफल
झांग शुए के लिए यह उपलब्धि केवल एक रिकॉर्ड नहीं, बल्कि 17 साल पुरानी कोशिश की सफलता भी है। उन्होंने महज 22 वर्ष की उम्र में पहली बार मोटरसाइकिल से पानी पर चलने का प्रयास किया था। हालांकि, उस समय बाइक की तकनीक और डिजाइन सीमित होने के कारण उनके चारों प्रयास असफल रहे थे। उन कोशिशों में वह अधिकतम 20 मीटर की दूरी ही तय कर पाए थे। लंबे समय बाद आधुनिक तकनीक, बेहतर डिजाइन और लगातार परीक्षणों की मदद से उन्होंने अपने पुराने लक्ष्य को हासिल कर लिया।