ओलंपियन योगश्वर दत्त ने 2020 के ओलंपिक खेलों से कुश्ती को हटाए जाने का कड़ा विरोध किया है। उन्होंने ऐलान किया कि अगर कुश्ती को दोबारा से ओलंपिक में शामिल नहीं किया गया तो वह अपना पदक लौटा देंगे। योगेश्वर ने शनिवार को यहां टेक्निकल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्सटाइल एंड साइंसेज (टीआईटीएस) में आयोजित खेल प्रतियोगिता के समापन अवसर के दौरान खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए यह बातें कही।
लंदन ओलंपिक में कांस्य पदक जीतकर देश का नाम रोशन करने वाले दिग्गज पहलवान ने कहा, ‘कुश्ती और कबड्डी हमारे पारंपरिक खेल हैं। ओलंपिक 2020 से कुश्ती को हटाने का फैसला दुर्भाग्यपूर्ण है। इस फैसले से पूरे विश्व भर के पहलवानों को झटका लगा है। सरकार को चाहिए कि वह इंटरनेशनल ओलंपिक कमेटी पर दबाव बनाए और कुश्ती को दोबारा से ओलंपिक खेलों में शामिल कराए। कुश्ती की अनदेखी सही नहीं है। अन्य खेलों की तरह इसे भी ओलंपिक में बरकरार रखा जाना चाहिए और इसके अधिक से अधिक मुकाबले कराए जाने चाहिए ताकि स्थानीय स्तर पर भी कुश्ती लड़ने वाले पहलवानों को प्रोत्साहन मिल सके।’ उन्होंने सरकार से ओलंपिक में कबड्डी को भी शामिल करने की मांग की। समापन अवसर पर उन्होंने विजेता खिलाड़ियों को सम्मानित किया और कड़ी मेहनत करने की सीख दी।