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Netherlands Football Team: 1978 के बाद पहली बार विदेशी कोच; नीदरलैंड ने इस स्पैनिश दिग्गज को सौंपी टीम की कमान

Thu, 13 Aug 2026 09:01 AM IST
स्वप्निल शशांक स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

स्पेन के दिग्गज फुटबॉलर जावी हर्नांडीज को नीदरलैंड्स की राष्ट्रीय टीम का नया मुख्य कोच नियुक्त किया गया है। इसके साथ ही वह 1978 के बाद डच टीम के पहले विदेशी जन्मे कोच बन गए हैं। जावी का कार्यकाल 2030 विश्व कप तक रहेगा। वह रोनाल्ड कोमैन की जगह लेंगे।
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जावी - फोटो : AP
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विस्तार
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स्पेन के महान मिडफील्डर जावी हर्नांडीज के लिए कोचिंग में एक नया और बड़ा अध्याय शुरू होने जा रहा है। 46 वर्षीय जावी को नीदरलैंड्स की राष्ट्रीय फुटबॉल टीम का नया मुख्य कोच नियुक्त किया गया है। वह रोनाल्ड कोमैन की जगह लेंगे, जिनका विश्व कप के बाद टीम के साथ सफर खत्म हो गया। जावी की नियुक्ति इसलिए भी खास है क्योंकि वह करीब पांच दशक बाद नीदरलैंड्स की राष्ट्रीय टीम की कमान संभालने वाले पहले विदेशी जन्मे कोच हैं। इससे पहले ऑस्ट्रिया में जन्मे अर्न्स्ट हापेल ने 1977 से 1978 तक डच टीम को कोचिंग दी थी।
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2010 विश्व कप फाइनल में रहे थे आमने-सामने
 
  • जावी का नीदरलैंड्स से रिश्ता सिर्फ अब शुरू नहीं हुआ है। 2010 विश्व कप के फाइनल में उन्होंने स्पेन की ओर से खेलते हुए डच टीम को हराया था।
  • स्पेन ने उस मुकाबले में 1-0 से जीत दर्ज कर पहली बार विश्व कप का खिताब जीता था। अब उसी नीदरलैंड्स टीम की जिम्मेदारी जावी के हाथों में होगी।
  • दिलचस्प बात यह भी है कि नीदरलैंड्स के फुटबॉल निदेशक निगेल डी जोंग 2010 के उस फाइनल में जावी के खिलाफ मैदान पर उतरे थे।

'मैं डच फुटबॉल का बेटा हूं'
 
  • जावी ने अपनी नियुक्ति के बाद नीदरलैंड्स के फुटबॉल दर्शन के प्रति खास जुड़ाव जाहिर किया। उन्होंने कहा कि बार्सिलोना की अकादमी में उन्हें जो फुटबॉल सिखाया गया, उस पर डच फुटबॉल के दिग्गज जोहान क्रूफ और रिनुस मिशेल्स का गहरा प्रभाव था।
  • उन्होंने कहा, 'आप कह सकते हैं कि मैं डच फुटबॉल का थोड़ा-सा बेटा हूं।' जावी ने कहा, 'लुई वान गाल, जिनके मार्गदर्शन में मैंने बार्सिलोना में डेब्यू किया, और फ्रैंक रिजकार्ड जैसे महान कोचों ने भी एक खिलाड़ी और कोच के रूप में मुझे आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।'

आक्रामक और आकर्षक फुटबॉल पर जोर
जावी ने नीदरलैंड्स की टीम के लिए अपने फुटबॉल दर्शन को भी स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि डच फुटबॉल की आक्रमण, गेंद पर कब्जे, रचनात्मकता, जुनून और आत्मविश्वास पर आधारित शैली उन्हें आकर्षित करती है। उन्होंने कहा, 'बेशक, सबसे महत्वपूर्ण लक्ष्य जीतना है और हमेशा रहेगा, लेकिन मैं इस तरह जीतना पसंद करूंगा जो इन विशेषताओं को दर्शाए और जिसे लोग देखकर आनंद ले सकें।' जावी ने 2030 विश्व कप तक का करार किया है। उनका लक्ष्य नीदरलैंड्स को आधुनिक, आक्रामक और प्रभावशाली फुटबॉल खेलने वाली टीम बनाना होगा।
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बार्सिलोना के बाद पहली बड़ी जिम्मेदारी
जावी ने बार्सिलोना के लिए करीब 17 साल तक खेला। इसके बाद उन्होंने कतर के अल-सद्द में अपना खेल करियर खत्म किया और 2019 से 2021 तक उसी क्लब को कोचिंग भी दी। इसके बाद उन्होंने बार्सिलोना की कमान संभाली, लेकिन मई 2024 में क्लब से अलग होने के बाद से वह किसी टीम के कोच नहीं थे। अब लंबे अंतराल के बाद जावी अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल में वापसी कर रहे हैं। नीदरलैंड्स हालिया विश्व कप में राउंड ऑफ 32 में मोरक्को से पेनल्टी शूटआउट में हारकर बाहर हुआ था। ऐसे में जावी के सामने टीम को फिर से खिताब की दावेदार बनाने की बड़ी चुनौती होगी।
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