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Wrestlers Protest: पहलवानों की अंतिम चेतावनी, भंग नहीं हुआ कुश्ती संघ तो आज करेंगे एफआईआर

Fri, 20 Jan 2023 02:52 AM IST
देव कश्यप अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली।

सार

टोक्यो ओलंपिक के पदक विजेता बजरंग पूनिया और विनेश ने गुरुवार को खेल मंत्रालय के आश्वासन को भी खारिज कर दिया। भाजपा नेता और पहलवान बबिता फोगाट ने मध्यस्थ की भूमिका निभाते हुए मंत्रालय की सचिव सुजाता चर्तुवेदी, साई महानिदेशक संदीप प्रधान और संयुक्त सचिव कुणाल के साथ बजरंग, विनेश, साक्षी से बातचीत कराई।
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बजरंग पूनिया, विनेश फोगाट और साक्षी मलिक के साथ अन्य पहलवान। - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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भारतीय कुश्ती संघ के अध्यक्ष बृजभूूषण शरण सिंह के खिलाफ देश के नामी-गिरामी पहलवानों का धरना दूसरे दिन बड़ा आकार ले गया। जंतर-मंतर पर गुरुवार को जकार्ता एशियाई खेलों की स्वर्ण पदक विजेता विनेश फोगाट ने अंतिम चेतावनी दी कि अगर कुश्ती संघ के अध्यक्ष ने इस्तीफा नहीं दिया, तो शुक्रवार को उनके खिलाफ साक्ष्यों के साथ पुलिस को शिकायत की जाएगी। बुधवार तक उनके पास एक से दो महिला पहलवानों के हुए यौन शोषण के साक्ष्य मौजूद थे, लेकिन आज उनके पास 5 से 6 महिला पहलवानों के साक्ष्य मौजूद हैं। ये सभी पुलिस में शिकायत करेंगी।

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अमित शाह आज पहलवानों से मिल सकते हैं
इस बीच, देर रात खेलमंत्री अनुराग ठाकुर ने पहलवानों से मुलाकात की। सूत्रों के अनुसार उन्होंने खिलाड़ियों से कहा कि बृजभूषण के जवाब का इंतजार करें। उन्होंने खिलाड़ियों को न्याय का भरोसा दिलाया है। रात 10 बजे शुरू हुई बातचीत पौने दो बजे तक चलती रही। इस दौरान ठाकुर ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को फोन पर पूरे मामले की जानकारी दी। बताया जा रहा है कि शाह शुक्रवार को पहलवानों से मिल सकते हैं। विनेश फोगाट ने कहा कि हिंदुस्तान में एक भी लड़की पैदा नहीं होनी चाहिए, यदि हम भी सुरक्षित नहीं हैं तो।

राज्य कुश्ती संघ भी हों भंग
टोक्यो ओलंपिक के पदक विजेता बजरंग पूनिया और विनेश ने गुरुवार को खेल मंत्रालय के आश्वासन को भी खारिज कर दिया। भाजपा नेता और पहलवान बबिता फोगाट ने मध्यस्थ की भूमिका निभाते हुए मंत्रालय की सचिव सुजाता चर्तुवेदी, साई महानिदेशक संदीप प्रधान और संयुक्त सचिव कुणाल के साथ बजरंग, विनेश, साक्षी से बातचीत कराई।
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मंत्रालय ने उनकी सारी मांगें मानने का आश्वासन देते हुए उनसे धरना खत्म करने को कहा। विनेश ने कहा कि उन्हें किसी तरह का आश्वासन मंजूर नहीं है। उन्हें न सिर्फ बृजभूषण का इस्तीफा चाहिए बल्कि पूरी भारतीय कुश्ती संघ भंग कर नए संघ का गठन चाहिए। विनेेश ने सिर्फ डब्लूएफआई ही नहीं बल्कि राज्य कुश्ती संघों को भी भंग करने की मांग की। उन्होंने कहा कि राज्यों में बृजभूषण के सहयोगी बैठे हैं। अगर उन्हें भंग नहीं किया गया तो वह आने वाले कुश्ती संघ के चुनाव में अपने बेटे को अध्यक्ष की कुर्सी पर बिठा देंगे।

इस्तीफा नहीं दिया, तो नहीं लड़ेंगे कुश्ती
पहलवानों ने यहां तक कहा कि उन्हें ओलंपिक खेलना है और एक-एक दिन उनके लिए कीमती है, लेकिन वे तब तक कुश्ती नहीं लड़ेंगे जब तक अध्यक्ष इस्तीफा नहीं दे देते हैं।  

दबाव डलवाकर अपने समर्थन में बनवा रहे वीडियो
विनेश ने कहा कि कुश्ती संघ अध्यक्ष पहलवानों पर दबाव डलवाकर अपने पक्ष में वीडियो बनवा रहे हैं। उनके पास केरल और महाराष्ट्र के पहलवानों के फोन आ रहे हैं। सभी पहलवान उनका समर्थन कर रहे हैं।

टोक्यो में रजत जीतने वाले रवि और महावीर फोगाट धरने में पहुंचे
पहलवानों के धरने में गुरुवार को टोक्यो ओलंपिक में रजत जीतने वाले रवि कुमार, पांचवें स्थान पर रहने वाले दीपक पूनिया समेत 200 के करीब कई पूर्व और भूतपूर्व पहलवान धरने में शामिल हो गए। रवि ने अपील की कि इस लड़ाई में उनका साथ दिया जाए। विनेश के ताऊ और गीता-बबिता के पिता महावीर फोगाट, महिला टीम कुश्ती टीम के पूर्व प्रमुख कोच कुलदीप सिंह मलिक भी धरने में पहुंचे।

अंशु ने कहा- पहलवानों के होटल में दरवाजा खोले रहते थे अध्यक्ष
विश्व चैंपियनशिप में पदक जीतने वाली पहलवान अंशु मलिक ने आरोप लगाया कि बुल्गारिया में हुई विश्व जूनियर चैंपियनशिप के दौरान बृजभूषण शरण सिंह खिलाड़ियों के होटल में रुकते थे। उनके कमरे का दरवाजा खुला रहता है, जिससे पहलवान असहज होते थे। हालांकि इस चैंपियनशिप में चोट के चलते अंशु नहीं खेली थीं। 

पहलवानों ने वृंदा करात को मंच से उतारा
धरने को राजनीतिक रंग देने की भी कोशिश की गई। वामपंथी नेता वृंदा करात जब पहलवानों का समर्थन करने मंच पर पहुंचीं तो बजरंग, सत्यवृत समेत सभी पहलवानों ने उनसे हाथ जोड़कर प्रार्थना की कि इसे राजनीतिक रंग देने की कोशिश न करें। उनकी लड़ाई सरकार के खिलाफ नहीं है। न ही उनकी सरकार से कोई नाराजगी है, उनकी लड़ाई तो सिर्फ कुश्ती के लिए है। इसे यहीं तक सीमित रहने दें। 

बबिता भी शामिल हुईं धरने में
सरकार की ओर से आईं पहलवान और तीन बार राष्ट्रमंडल खेलों की पदक विजेता बबिता फोगाट भी धरने पर बैठीं। उन्होंने कहा कि उनकी कोशिश है कि पहलवानों की मांगें जल्द से जल्द मान ली जाएं और यह धरना खत्म हो जाए। हालांकि वह सरकार की ओर से आई हैं, लेकिन वह खुद भी महिला पहलवान रही हैं।

संघ की 22 को आपात बैठक, इस्तीफे की चर्चा
बृजभूषण शरण सिंह दिल्ली से गोंडा रवाना हो गए। उन्होंने इस मुद्दे पर चर्चा के लिए 22 जनवरी को अयोध्या में डब्लूएफआई की आपात आमसभा बैठक बुलाई है। चर्चा यह भी है कि इस बैठक में बृजभूषण अपने पद से इस्तीफा दे सकते हैं। हालांकि कुश्ती संघ के एक अधिकारी ने कहा कि वह इस्तीफा देंगे या नहीं यह अभी तय नहीं है। बुधवार को बृजभूषण ने इस्तीफा देने से साफ इंकार किया था। 

साई ने गठित की तीन सदस्यीय समिति
पहलवानों के धरने के कारण खेल मंत्रालय में भी सरगर्मियां बढ़ गई हैं। साई ने इस मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति का गठन किया है, जिसमें दो महिला खिलाड़ी शामिल होंगी। हालांकि साई का दावा है कि उन्हें आज तक लखनऊ साई सेंटर में चलाए जा रहे राष्ट्रीय शिविर में किसी भी महिला पहलवान के यौन शोषण की आधिकारिक शिकायत नहीं मिली। 

कुश्ती संघ के ऑफिस पर लगा तला
जंतर-मंतर से कुछ कदम की दूरी पर भारतीय कुश्ती संघ का ऑफिस है। बुधवार को यह खुला हुआ था। यहीं बृजभूषण ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी, लेकिन गुरुवार को यहां ताला लगा हुआ था और पुलिस तैनात थी।

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