निरीक्षण समिति की कोशिशों के बाद सिर्फ तीन पहलवान और एक कोच मंगलवार को रैंकिंग टूर्नामेंट में खेलने जगरेब पहुंच गए। कुछ अन्य पुरुष और महिला पहलवानों के मंगलवार की रात पहुंचने की उम्मीद है, लेकिन फ्रीस्टाइल, महिला और ग्रीको रोमन के 10 से अधिक पहलवानों का वीजा नहीं लगने के कारण खेलना अधर में लटका है।
वीजा लगे पासपोर्ट देर से पहुंचने पर छूटी फ्लाइट
पुरुष फ्रीस्टाइल टीम के चीफ कोच जगमिंदर के साथ अमन (57), पंकज (61) और विशाल कालीरमण (70) जगरेब पहुंच गए हैं। सूत्रों के मुताबिक सोनीपत से पहलवानों को रात 10 बजे ही दिल्ली एयरपोर्ट रवाना कर दिया गया। उनकी फ्लाइट रात एक बजकर 50 मिनट की थी, लेकिन पहलवानों के वीजा लगे पासपोर्ट काफी देर से मिले, जिसके चलते उनकी फ्लाइट छूट गई। इसके बाद तीन बजकर 20 मिनट की फ्लाइट से जगमिंदर के साथ तीनों पहलवानों को भेजा गया। बाकी फ्रीस्टाइल के दो और महिला पहलवानों को मंगलवार सुबह 10 बजे भेजा जा सका।
फ्रीस्टाइल, ग्रीकोरोमन के नौ पहलवानों का नहीं लगा वीजा
ग्रीकोरोमन के भी सिर्फ छह पहलवानों का वीजा लगा है। बाकी के छह पहलवान कोच हरगोविंद के साथ मंगलवार की रात जगरेब रवाना होंगे। फ्रीस्टाइल पहलवानों में सुजीत (65), जोंटी (92), विक्की (92) ग्रीको रोमन में मंजीत (55), करनजीत (67), अंकित गुलिया (72), रोहित (82), नरेंदर (97) का वीजा नहीं लगा है। ये सभी पहली बार सीनियर स्तर पर अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट खेलने जा रहे हैं। इस वजह से भी इनकेवीजा में समस्या आई है।
महिला टीम के चीफ कोच को नहीं भेजा गया
धरने पर बैठे पहलवान बजरंग, रवि कुमार, जितेंदर, दीपक पूनिया, विनेश, अंशु मलिक, संगीता फोगाट, सरिता मोर टूर्नामेंट नहीं खेलने जा रहे हैं। नर सिंह यादव भी निजी कारणों से खेलने नहीं गए हैं। वहीं महिला टीम के चीफ कोच जितेंदर कुमार को महिला पहलवानों की टीम के साथ नहीं भेजा गया। पहले उनका नाम टीम में था।