एक खबर ने बरसों की तपस्या पर पानी फेर दिया। जिस व्यक्ति ने सामाजिक बहिष्कार की चिंता किए बगैर अपने घर की पांच बेटियों को पहलवानी जैसे खेल के गुर सिखाने शुरू किए थे, आज वह पूरी तरह से टूट गया है। ओलंपिक-2020 से कुश्ती को हटाने की खबर ने तो जैसे देश की एकमात्र ओलंपियन महिला पहलवान गीता के पिता महावीर की आंखों के सारे सपने ही छीन लिए हैं। उनके परिवार में गीता ही नहीं बल्कि उनकी दो छोटी बहनों और दो चचेरी बहनों के लिए भी कुश्ती ही सब कुछ है।
महावीर कहते हैं, ‘ऐसा लगता है उनका सपना अधूरा रह जाएगा। वह तो भगवान से प्रार्थना कर रहे हैं यह खबर झूठी निकले। अब तो बेटियों को पहलवानी छुड़वाकर कोई दूसरा खेल भी नहीं शुरू करा सकता।’ भिवानी जिले के गांव बलाली में उनका सामाजिक बहिष्कार कर दिया गया था। समाज ने कहा, ‘बेटियों से कोई शादी नहीं करेगा।’ मगर महावीर को तो धुन सवार थी, देश के लिए ओलंपिक पदक जीतने की। इसके लिए बेटियों को शाकाहारी से मांसाहारी बनाया। यहां तक कि लड़कों के साथ जोर आजमाने में भी नहीं हिचकिचाए।
बेटी गीता जानती हैं, पापा बेहद दुखी हैं। वह कहती हैं, ‘घर पर मातम सा छाया है। चाहें कॉमनवेल्थ गेम्स का गोल्ड हो या फिर वर्ल्ड चैंपियनशिप में उनका और बहन बबीता का पदक पापा ने कभी खुशी नहीं जताई। उन्होंने यही कहा कि जश्न तभी होगा जब घर में ओलंपिक पदक आएगा।’ ।
छोटी बहनों का भविष्य अधर में
महावीर को इस बात का भी चिंता है कि गीता और बबीता के अलावा छोटी बेटियों के भविष्य का क्या होगा। उन्होंने कहा, ‘जूनियर भारतीय टीम में शामिल विनेश, रितु और प्रियंका तो 2020 ओलंपिक के लिए ही तैयारी कर रही हैं।’ कुछ दिन पूर्व ही गीता और बबीता के साथ तीसरी बेटी विनेश को विश्व कप की तैयारियों के लिए पटियाला में चल रहे कैंप में शामिल किया गया है। यही नहीं पटियाला में चल रहे कैंप में कई जूनियर महिला पहलवानों को यही चिंता सता रही है।
गीता की शादी को टाला
ओलंपिक पदक का सपना लिए महावीर ने अपनी बड़ी बेटी गीता की शादी को भी चार साल आगे बढ़ा दिया था। यही नहीं गीता की मां दया कौर ने गांव के सरपंच पद से भी इस्तीफा दे दिया था ताकि बेटियों की तैयारी पर ध्यान दिया जा सके।
कैंप में भी बुरा माहौल है। रोहतक की जूनियर पहलवान साक्षी मलिक यह खबर सुनने के बाद मेरे पास आई और बोली दीदी उसका तो कैरियर ही चौपट हो गया। उसने तो पहलवानी के लिए पढ़ाई भी नहीं की। अब उसका क्या होगा। -गीता