वर्ल्ड व एशियाई चैंपियनशिप की तैयारियों के लिए नेशनल कैंप में शामिल किए गए पहलवान डोप में फंस गए हैं। बीते माह आठ से 11 नवंबर को नंदिनी नगर में आयोजित राष्ट्रीय कुश्ती चैंपियनशिप में नाडा की ओर से चलाए गए अभियान में पांच पहलवान प्रतिबंधित शक्तिवर्धक दवाओं के सेवन के दोषी पाए गए हैं। इस चैंपियनशिप में पदक विजेता प्रदर्शन के आधार पर चार पहलवानों को सोनीपत में चल रहे नेशनल कैंप में भी जगह दी गई। फिलहाल भारतीय कुश्ती संघ ने इन चारों को कैंप से निकाल दिया है।
फेडरेशन ने पांचों पहलवानों को नाडा से अपना बी सैंपल टेस्ट कराने के लिए कहा है। यहां भी पॉजिटिव पाए जाने पर पांचों को अपनी बेगुनाही साबित करने के लिए नाडा के हियरिंग पैनल के समक्ष पेश होना पड़ेगा। वरना सभी को दो साल का प्रतिबंध भुगतना पड़ सकता है।
सूत्रों के मुताबिक इन पांचों पहलवानों के सैंपल में स्टेरायड व स्टीमुलेंट पाए गए हैं। इन पहलवानों में 55 किग्रा वजन में कांस्य पदक जीतने वाले रेलवे की ओर से खेलने वाले हरियाणा के बलराज, एक और कांस्य विजेता हरियाणा के मनोज, पांचवें स्थान पर रहने वाले मध्यप्रदेश के लिए खेलने वाले सुखविंदर, 74 किलो में रजत जीतने वाले हरियाणा के जितेंदर व ग्रीको रोमन में 60 किलो में कांस्य जीतने वाले हरियाणा के मनीष शामिल हैं।
मूलत: हरियाणा के सुखविंदर को छोड़ बाकी सभी पहलवान नेशनल कैंप में थे। खास बात यह है कि पॉजिटिव पहलवानों की संख्या अभी बढ़ सकती है। सूत्रों के मुताबिक दो पहलवानों की रिपोर्ट को नाडा ने शक के आधार पर रोक रखी है। लंदन ओलंपिक के बाद इतनी बड़ी संख्या में खिलाड़ियों का डोप में फंसने का यह पहला मामला है।