एशियाई खेलों में भारत ने चार ओलंपिक कोटे हासिल किए लेकिन पुरुष वर्ग में निराशा ही हाथ लगी जिससे भारतीय मुक्केबाजी महासंघ (बीएफआई) भविष्य की योजना पर फैसला करने के लिए अगले हफ्ते बैठक करेगा। पेरिस ओलंपिक के लिए केवल दो क्वालिफायर ही बचे हैं। भारतीय मुक्केबाजी दल ने तीन से छह पेरिस ओलंपिक कोटा हासिल करने के लक्ष्य को चार कोटे हासिल करके पूरा किया। ये चारों महिला वर्ग में निकहत जरीन (50 किग्रा) , प्रीति पवार (54 किग्रा), परवीन हुड्डा (57 किग्रा) और लवलीना बोरगोहेन (75 किग्रा) ने हासिल किए।
अगला ओलंपिक क्वालिफायर इटली में 29 फरवरी से 12 मार्च तक विश्व क्वालिफिकेशन टूर्नामेंट है। बर्नार्ड डुने की अगुवाई वाली हाई परफोरमेंस इकाई ने कुछ प्रस्ताव रखे जिसमें पिछले साल के पुरुष विश्व युवा चैंपियनशिप के पदक विजेताओं को सीधे सीनियर राष्ट्रीय शिविर में शामिल करना भी शामिल है। बीएफआई के एक अधिकारी ने कहा, ''हाई परफोरमेंस इकाई ने कुछ प्रस्ताव भेजे हैं। हम आगामी हफ्ते में एक बैठक करेंगे जिसमें हम इन सभी के बारे में चर्चा करेंगे।''