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D Gukesh: लिरेन के खिलाफ ऐतिहासिक जीत के बाद भावुक हुए डी गुकेश, बोले- मेरा सपना पूरा हो गया

Thu, 12 Dec 2024 07:43 PM IST
Mayank Tripathi स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, सिंगापुर

सार

चेन्नई के गुकेश विश्वनाथन आनंद के बाद विश्व चैंपियन बनने वाले दूसरे भारतीय हैं। गुकेश पांच बार के विश्व चैंपियन आनंद के ही शिष्य हैं और उन्हीं की अकादमी वेस्टब्रिज आनंद चेस अकादमी में प्रशिक्षण प्राप्त करते हैं।
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गुकेश - फोटो : PTI
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विस्तार
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भारतीय ग्रैंडमास्टर डी गुकेश ने गुरुवार को विश्व शतरंज चैंपियनशिप के 14वें और अंतिम दौर में चीन के डिंग लिरेन को हराकर खिताब अपने नाम कर लिया। लिरेन को हराकर वह सबसे युवा विश्व शतरंज चैंपियन बन गए। 18 वर्ष की उम्र में उन्होंने इतिहास रच दिया। 6.5 अंको के साथ खेल की शुरुआत हुई थी। अंतिम मैच भी ड्रॉ की तरफ बढ़ता दिख रहा था कि तभी लिरेन की एक गलती उनके लिए भारी पड़ गई और गुकेश को जीत दिला गई। भारतीय युवा स्टार ने लिरेन को 7.5-6-5 से हराकर विश्व खिताब अपने नाम किया। 12 साल के बाद किसी भारतीय ने इस खिताब पर कब्जा जमाने में कामयाबी हासिल की है।
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भावुक हुए गुकेश
गुकेश इस ऐतिहासिक जीत के बाद भावुक हो गए। उन्होंने कहा- यह मेरे जीवन का सबसे बेहतरीन पल है। मैं पिछले 10 वर्षों से इस पल का सपना देख रहा था। मुझे खुशी है कि मेरा यह सपना पूरा हुआ। मैं थोड़ा भावुक हो गया था क्योंकि मुझे जीत की उम्मीद नहीं थी। लेकिन फिर मुझे आगे बढ़ने का मौका मिला।

गुकेश ने रचा इतिहास
गुकेश ने 18 साल आठ महीने 14 दिन की उम्र में यह खिताब जीतकर इतिहास रच दिया। उन्होंने गैरी कास्पारोव का रिकॉर्ड तोड़ दिया, जिन्होंने 22 वर्ष छह महीने 27 दिन की उम्र में खिताब जीता था। गुकेश से पहले भारत के विश्वनाथन आनंद (2000-2002 और 2007-2013) विश्व शतरंज चैंपियन रहे। गुकेश के लिए साल का अंत शानदार रहा है। इस साल वे कई और खिताब जीते, जिनमें कैंडिडेट्स 2024 टूर्नामेंट और शतरंज ओलंपियाड शामिल है, जिसमें उन्होंने गोल्ड मेडल जीता था।

काले मोहरों से पहली जीत
निर्णायक 14वीं बाजी ड्रॉ की ओर बढ़ रही थी। माना जा रहा था कि विश्व चैंपियन का फैसला टाईब्रेकर के जरिये होगा, लेकिन 55वीं चाल में लिरेन ने भारी भूल कर दी, जिसका गुकेश ने फायदा उठाकर जीत हासिल की। पूरे टूर्नामेंट में गुकेश की लिरेन पर काले मोहरों से यह पहली जीत थी। उन्होंने तीन बाजियों में जीत हासिल की, दो में हार मिली और नौ बाजियां ड्रॉ पर समाप्त हुईं।
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पिता को गले लगाकर मनाया जीत का जश्न
लिरेन को हराने के बाद गुकेश बाहर निकले और पिता से मिले। इस दौरान वह भावुक हो गए। दोनों ने एक-दूसरे को गले लगाया और जीत का जश्न मनाया। अब दोनों का यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। 
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