पांच बार के विश्व चैंपियन भारत के विश्वनाथन आनंद और नार्वे के मैग्नस कार्लसन के वर्ल्ड चेस चैंपियनशिप का पहला मुकाबला रोमांच के चरम पर पहुंचकर ड्रॉ रहा।
हालांकि सोच्चि (रूस) में खेली जा रही टूर्नामेंट के पहले मुकाबले में सफेद मोहरों से खेल रहे आनंद के पास पूरे अंक बटोरने का बढ़िया मौका था लेकिन कार्लसन ने सही समय पर सही चाल चल भारतीय खिलाड़ी को बढ़त लेने से रोक दिया। आखिरकार 48 चालों के बाद दोनों खिलाड़ी ड्रॉ पर सहमत हुए।
इस तरह पहली बाजी में दोनों खिलाड़ियों के खाते में आधा-आधा अंक आया। आनंद पिछले साल कार्लसन के खिलाफ चेन्नई में अपना खिताब गंवा बैठे थे। इस बार आनंद एक बार फिर विश्व चैंपियन का खिताब वापिस करने के इरादे से मैदान में उतरे हैं।
12 बाजियों वाली इस चैंपियनशिप का दूसरा मुकाबला रविवार को खेला जाएगा। इस बार आनंद को काले मोहरों से खेलना पड़ेगा।
आनंद की टीम में गाजेवस्की नया चेहरा
आनंद ने वर्ल्ड चैंपियनशिप में नार्वे के मैग्नस कार्लसन के खिलाफ अपनी टीम में कोई बड़ा फेरबदल नहीं करते हुए पोलैंड के ग्रजेगोर्ज गाजेवस्की को किया है। मैच से पहले एक प्रेस कांफ्रेंस में आनंद ने इस बात की जानकारी देते हुए कहा, "के शशिकरण, राडोस्लाव वोज्ताजेक और गाजेवस्की टीमें में होंगे।"
आनंद पिछले साल चेन्नई में अपना खिताब गंवा बैठे थे और तब भी शशिकरण और वोज्ताजेत उनकी टीम में थे। इसके बावजूद आनंद ने इन दोनों खिलाड़ियों को अपनी टीम में बरकरार रखा है। आनंद ने एक बार फिर अपनी टीम पर भरोसा जताया है लेकिन टीम में इस बार हंगरी की पीटर लेको नहीं हैं।
वहीं संदीपन चंदा आनंद के साथ ही हैं और यह साफ है कि उनकी सपोर्ट स्टाफ से अलग कोई भूमिका होगी। वहीं कार्लसन की टीम में डेनमार्क के पीटर हेन नीलसन और हमवतन जॉन लुविस हैमर हैं।