भारतीय ग्रैंडमास्टर और विश्व चैंपियन डी गुकेश ने कहा कि वह सभी प्रारूपों में प्रतिस्पर्धा करने के लिए तैयार हैं। गुकेश ने हालांकि, क्लासिकल शतरंज को सबसे महत्वपूर्ण बताया। गुकेश ने पिछले साल चीन के डिंग लिरेन को हराकर विश्व चैंपियनशिप का खिताब अपने नाम किया था। गुकेश का मानना है कि वह इस बात से इत्तेफाक नहीं रखते कि शतरंज दो गुटों में बंट जाएगा।
गुकेश ने कहा कि फ्रीस्टाइल शतरंज जहां रोमांच पैदा करता है वहीं अपने समृद्ध इतिहास के साथ क्लासिकल शतरंज हमेशा सबसे महत्वपूर्ण बना रहेगा। शतरंज में अभी दो वर्ग सामने आ रहे हैं। इनमें एक वर्ग जहां फ्रीस्टाइल का समर्थक है तो दूसरा वर्ग क्लासिकल शतरंज के प्रति वफादार बना हुआ है। इससे शतरंज में विभाजन की संभावना बन गई है।
गुकेश ने एक समाचार चैनल के कार्यक्रम में कहा, मैं इसके बारे में ज्यादा नहीं सोचता। फ्रीस्टाइल काफी रोमांचक है और मैं इसमें खेल कर खुश हूं, लेकिन यह कहना जल्दबाजी होगी कि यह तेजी से आगे बढ़ रहा है। फ्रीस्टाइल में अभी तक केवल दो ही बड़े टूर्नामेंट हैं। मैं चाहता हूं कि फ्रीस्टाइल सशक्त हो जाए लेकिन मुझे नहीं लगता कि यह शतरंज के मूल प्रारूप पर हावी हो जाएगा। क्लासिकल शतरंज का इतिहास और विरासत इसे और अधिक महत्वपूर्ण बनाती है। क्लासिकल, रैपिड और ब्लिट्ज के साथ फ्रीस्टाइल का जुड़ना खेल के लिए अच्छा है लेकिन यह देखना बाकी है कि यह प्रारूप कैसे आगे बढ़ता है। मैं सभी प्रारूपों में खेलने के लिए तैयार हूं।
शतरंज ग्रैंडस्लैम टूर में खेलने की पुष्टि की
गुकेश ने इसके साथ ही सात से 14 अप्रैल तक होने वाले फ्रीस्टाइल शतरंज ग्रैंडस्लैम टूर के पेरिस चरण के लिए अपनी भागीदारी की पुष्टि की। विश्व के नंबर एक खिलाड़ी मैग्नस कार्लसन और गुकेश उन चोटी के 12 ग्रैंडमास्टर में शामिल है जिन्होंने इस टूर्नामेंट के पेरिस चरण में भाग लेने की पुष्टि की है।