विश्व मुक्केबाजी कप के फाइनल में भारत की बेटियों ने देश का मान बढ़ाया है। निकहत जरीन, मीनाक्षी हुड्डा और प्रीति पवार समेत सात मुक्केबाजों ने स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रच दिया। निकहत (51 किग्रा) ने चीनी ताइपे की मुक्केबाज जुआन यी गुओ को हराकर यह जीत दर्ज की। निकहत के अलावा मीनाक्षी हुड्डा (48 किग्रा), प्रीति पवार (54 किग्रा), अरुंधति (70 किग्रा), नूपुर शेओरन (80+ किग्रा), परवीन हुड्डा (60 किग्रा) और जेस्मिन (57 किग्रा) ने स्वर्ण पदक जीते।
महिलाओं ने बढ़ाया देश का गौरव
ग्रेटर नोएडा के विजय सिंह पथिक स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में खेले जा रहे विश्व मुक्केबाजी कप 2025 के फाइनल मुकाबलों में भारत की बेटियों ने तिरंगा लहराया। मीनाक्षी हुड्डा ने उज्बेकिस्तान की फोजिलोवा फारजोना को 5-0 से हराकर 48 किग्रा वर्ग में स्वर्ण पदक जीता। जीत के बाद उन्होंने कहा, 'मैं बहुत खुश हूं। मैं अपने डिस्ट्रिक्ट कोच विजय हुड्डा को धन्यवाद कहूंगी, जिन्होंने मुझे सपोर्ट किया।'
इसके बाद प्रीति पवार (54 किग्रा) ने इटली की सिरीन चाराबी को 5-0 से हराकर भारत की झोली में एक और स्वर्ण डाल दिया। अरुंधति चौधरी (70 किग्रा) ने उज्बेकिस्तान की जोकिरोवा अजीजा को 5-0 से हराकर भारत को तीसरा स्वर्ण दिलाया। इसके बाद नूपुर (80+ किग्रा) ने उज्बेकिस्तान की सोटिम्बोएवा ओल्टिनोय को 5-0 से हराकर दिन का चौथा स्वर्ण जीता। वहीं, निकहत जरीन ने चीनी ताइपे की मुक्केबाज जुआन यी गुओ को हरा दिया। यह भारत का पांचवां स्वर्ण पदक है। जेस्मिन ने भी शानदार प्रदर्शन कर ओलंपिक मेडलिस्ट वू शिह-यी को 4–1 से मात दी। वहीं, पर्वीन हुड्डा ने जापान की अयाका तगुची को 3–2 से हराकर स्वर्ण अपने नाम किया।