भारतीय महिला हॉकी टीम ने शनिवार को महिला एशिया कप के अपने आखिरी सुपर चार मैच में जापान के खिलाफ 1-1 से ड्रॉ खेलने के बावजूद फाइनल में जगह बना ली जिसमें उसका सामना मेजबान चीन से होगा। चीन ने अपने अंतिम सुपर चार मैच में कोरिया को 1-0 से हराया जिससे भारतीय टीम रविवार को होने वाले फाइनल में पहुंच गई। चीन तीन जीत के बाद नौ अंक के साथ सुपर चार तालिका में शीर्ष पर रहा जबकि भारत एक जीत, एक ड्रॉ और एक हार से चार अंक से दूसरे स्थान पर रहा। कोरिया को एक ड्रॉ और दो हार से सिर्फ एक अंक मिला और वह सबसे निचले स्थान पर रहा। जापान दो अंकों के साथ तीसरे स्थान पर रहा।
फाइनल जीतने वाली टीम को मिलेगा विश्वकप का टिकट
फाइनल जीतने वाली टीम अगले साल बेल्जियम और नीदरलैंड में होने वाले विश्वकप के लिए क्वालिफाई कर लेगी। भारत ने शुरुआती बढ़त गंवाकर गत चैंपियन जापान से ड्रॉ खेला जिससे उसे कोरिया और चीन के बीच मैच के नतीजे का इंतजार करना पड़ा। चीन ने पहले ही फाइनल के लिए क्वालिफाई कर लिया था। कोरिया को फाइनल में जगह बनाने के लिए दो गोल के अंतर से जीत की दरकार थी लेकिन चीन की जीत ने 2022 चरण में तीसरे स्थान पर रहने वाली भारतीय टीम का फाइनल में स्थान सुनिश्चित किया।
जापान के खिलाफ दूसरी बार बराबरी पर छूटा मैच
जापान के खिलाफ भारत ने शानदार शुरुआत की। ब्यूटी डुंग डुंग ने सातवें मिनट में मैदानी गोल करके टीम को बढ़त दिला दी। लेकिन जापान ने वापसी की और शेहो कोबायाकावा (58वें मिनट) ने हूटर बजने से दो मिनट पहले ही बराबरी का गोल दाग दिया। यह इस टूर्नामेंट में दोनों टीमों के बीच दूसरा ड्रॉ था। इससे पहले पूल चरण का मुकाबला भी 2-2 से बराबरी पर छूटा था। जापान के खिलाफ जीत से भारत सीधे मेजबान चीन के खिलाफ फाइनल में पहुंच जाता। चीन ने सुपर चार चरण में भारत को हराकर पहले ही फाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली थी। भारत ने अंतिम क्षणों में कई प्रयास किए और एक पेनल्टी कॉर्नर भी हासिल किया। लेकिन जापान ने उन्हें कोई मौका नहीं दिया और अंततः हूटर बजने पर दोनों टीमें बराबरी पर रहीं।