रविवार को महिला क्रिकेट विश्व कप के फ़ाइनल में भारत और मेज़बान इंग्लैंड के बीच लॉर्ड्स के ऐतिहासिक मैदान में रोमांचक मुक़ाबले की उम्मीद की जा रही है। डर्बी की हार के बाद से लगातार सात मैचों में अपराजेय रही इंग्लैंड की टीम की कैप्टन हीथर नाइट ने कहा भी है कि उन्होंने अपना बेस्ट परफॉर्मेंस फ़ाइनल के लिए बचाकर रखा है। इस बीच समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक भारतीय महिला क्रिकेट टीम के लिए बीसीसीआई ने अपनी झोली खोल दी है।
शनिवार को बोर्ड की तरफ से घोषणा की गई कि इंग्लैंड में आईसीसी वर्ल्ड कप खेल रही टीम की हर सदस्य को 50 लाख रुपये इनाम में दिए जाएंगे। इससे पहले आईसीसी टूर्नामेंट में साल 2005 में भारतीय महिला टीम ने अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन दिखलाया था जब भारत ऑस्ट्रेलिया से फ़ाइनल में हार गया था।
बीते शुक्रवार को भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने आईसीसी महिला विश्व कप क्रिकेट टूर्नामेंट के दूसरे सेमीफ़ाइनल में ऑस्ट्रेलिया जैसी दमदार टीम को 36 रन से हराकर फ़ाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली। अगर भारतीय महिला क्रिकेट टीम के फ़ाइनल तक के सफर की बात करें तो सेमीफ़ाइनल में भारतीय टीम ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाज़ी करते हुए 42 ओवरों में 4 विकेट खोकर 281 रन बनाए।
भारत की हरमनप्रीत कौर ने धुआंधार बल्लेबाज़ी करते हुए नाबाद 171 रन बनाए। इसके लिए उन्होंने 115 गेंदो का सामना करते हुए 20 चौके और सात छक्के जमाए। जवाब में ऑस्ट्रेलियाई टीम 40.1 ओवर में 245 रन बनाए. भारत ने अंततः यह मैच 36 रन से जीता।
सेमीफ़ाइनल से पहले भारत ने करो या मरो वाले मुक़ाबले में न्यूज़ीलैंड को 186 रनो के विशाल अंतर से हराया। इस मुक़ाबले में टॉस हारकर पहले बल्लेबाज़ी करते हुए कप्तान मिताली राज़ की 109 रनो की शतकीय पारी के सहारे निर्धारित 50 ओवर में सात विकेट खोकर 265 रन बनाए।
जवाब में न्यूज़ीलैंड की टीम 25.3 ओवर में ही 79 रन पर सिमट गई. भारत की खब्बू स्पिनर राजेश्वरी गायकवाड़ ने 15 रन देकर पांच विकेट झटके। दरअसल अंकों के आधार पर जीतने वाली टीम को ही सेमीफ़ाइनल का टिकट हासिल होना था। लेकिन राउंड रोबिन लीग में भारतीय महिला टीम को ऑस्ट्रेलिया के हाथों आठ विकेट से हार का सामना करना पड़ा था।