आईओसी ने क्या कहा?
रॉयटर्स से बातचीत में हेरास्केविच ने बताया कि उन्हें यह फैसला सीधे आईओसी के प्रतिनिधि ने एथलीट्स विलेज में आकर सुनाया। हेरास्केविच ने कहा, 'आईओसी ने कहा कि ऐसा नियम 50 की वजह से किया गया है।' ओलंपिक चार्टर का नियम 50.2 कहता है कि ओलंपिक स्थलों पर किसी भी तरह का राजनीतिक, धार्मिक या नस्लीय प्रचार की अनुमति नहीं है।
हेलमेट में क्या है खास?
हेरास्केविच के हेलमेट पर उन यूक्रेनी खिलाड़ियों के चेहरे हैं, जो 2022 में रूस के हमले के बाद से जान गंवा चुके हैं। इनमें ओलंपियन और यूथ ओलंपिक पदक विजेता भी शामिल हैं। सोशल मीडिया पर जारी वीडियो में हेरास्केविच ने कहा कि ये तस्वीरें उन खिलाड़ियों का सिर्फ एक छोटा सा हिस्सा दिखाती हैं, जिन्हें देश ने खो दिया।
एथलीट का रुख अब भी सख्त
आईओसी की रोक के बावजूद हेरास्केविच पीछे हटने के मूड में नहीं हैं। उन्होंने साफ किया है कि वह आधिकारिक अपील करेंगे और अनुमति लेने की कोशिश जारी रखेंगे। सोशल मीडिया पोस्ट में उन्होंने बताया कि प्रतिबंध ट्रेनिंग और मुकाबले दोनों पर लागू किया गया है, हालांकि आईओसी ने अभी तक सार्वजनिक रूप से इसकी पुष्टि नहीं की है।