सार
विंबलडन में इस साल पहली बार छह कोर्ट पर वीडियो रिव्यू तकनीक लागू होगी, जिससे खिलाड़ी अंपायर के फैसलों को चुनौती दे सकेंगे। खिलाड़ियों को अनलिमिटेड रिव्यू मिलेंगे और यह सिस्टम इलेक्ट्रॉनिक लाइन कॉलिंग से अलग होगा।
दुनिया के सबसे पुराने ग्रैंड स्लैम टूर्नामेंट विंबलडन में इस साल से पहली बार वीडियो रिव्यू तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा। यह घोषणा आयोजक संस्था ऑल इंग्लैंड क्लब ने शनिवार को की। इस नई तकनीक का उपयोग सेंटर कोर्ट और नंबर-1 कोर्ट सहित कुल छह कोर्ट पर किया जाएगा। इसके अलावा नंबर-2 कोर्ट, नंबर-3 कोर्ट, कोर्ट 12 और कोर्ट 18 पर भी सिंगल्स मैचों के दौरान वीडियो रिव्यू उपलब्ध रहेगा।
रिव्यू की संख्या पर कोई सीमा तय नहीं
खिलाड़ियों को चेयर अंपायर के कुछ खास फैसलों जैसे डबल बाउंस को चुनौती देने के लिए वीडियो रिव्यू लेने की अनुमति होगी। खास बात यह है कि खिलाड़ियों के लिए रिव्यू की संख्या पर कोई सीमा नहीं रखी गई है। ग्रैंड स्लैम स्तर पर वीडियो रिव्यू की शुरुआत यूएस ओपन 2023 में हुई थी, जबकि ऑस्ट्रेलियन ओपन में भी यह तकनीक पहले से इस्तेमाल हो रही है।
29 जून से शुरू होगा विंबलडन
यह वीडियो रिव्यू सिस्टम इलेक्ट्रॉनिक लाइन कॉलिंग से अलग है, जिसका इस्तेमाल गेंद के अंदर या बाहर होने का फैसला करने के लिए किया जाता है। पिछले साल विंबलडन में लाइन जजों की जगह इलेक्ट्रॉनिक लाइन कॉलिंग लागू की गई थी, हालांकि शुरुआत में इसमें कुछ दिक्कतें भी सामने आई थीं। इस साल का विंबलडन टूर्नामेंट 29 जून से शुरू होगा।