टायसन साल 1986 में 20 साल और चार महीने की उम्र में इतिहास में सबसे कम उम्र के हैवीवेट चैंपियन बने थे। उन्होंने केविन मैकब्राइड से हारने के बाद 2005 में संन्यास ले लिया था। उस समय उन्होंने कहा था कि उनके पास खेल को देने के लिए कुछ भी नहीं बचा है। बॉक्सिंग लीजेंड ने आखिरी बार रॉय जोन्स जूनियर के खिलाफ एक प्रदर्शनी मैच में लड़ाई लड़ी। हालांकि, 2020 में हुए इस मैच को कोरोना की वजह से कोई प्रशंसक नहीं मिला था। अब अपनी उम्र से आधी से भी कम उम्र के व्यक्ति का सामना करने के बाद पूर्व विश्व हैवीवेट चैंपियन टायसन एक स्वीकृत प्रोफेशनल फाइट में प्रतिस्पर्धा करने वाले सबसे उम्रदराज मुक्केबाजों में से एक बन गए।
टायसन की रिंग में वापसी
सबसे बड़ा सवाल यह उठता है कि 58 साल की उम्र में टायसन को रिंग में आने की जरूरत क्यों पड़ी? माइक टायसन 19 साल बाद एक बार फिर बॉक्सिंग ग्लव क्यों पहन रहे हैं? इसका जवाब है- पैसा। रिपोर्ट्स के मुताबिक, माइक टायसन को सिर्फ एक इस मैच के लिए 20 मिलियन डॉलर यानी करीब 169 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा रहा है। जेक पॉल को कथित तौर पर इसका दोगुना यानी 40 मिलियन डॉलर यानी 338 करोड़ रुपये मिल रहे हैं।
साथ ही नेटफ्लिक्स भी इसके जरिये स्पोर्ट्स में कदम रखने जा रहा है। नेटफ्लिक्स के 280 मिलियन सब्सक्राइबर्स हैं और रिपोर्ट्स के मुताबिक, टायसन की फैन फॉलोइंग से इस स्ट्रीमिंग पावरहाउस को काफी फायदा होना है। बीबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक, टायसन को एक बार फिर रिंग में देखने के लिए स्टेडियम में हजारों फैंस की भीड़ के आने की उम्मीद है। नेटफ्लिक्स के लिए, टायसन बनाम पॉल उनका अब तक का सबसे बड़ा लाइव स्पोर्ट्स इवेंट रहा है और यह सुनिश्चित करने का अवसर था कि यह एनएफएल और डब्ल्यूडब्ल्यूई के समान लोगों को आकर्षित करे।