दोहा डायमंड लीग स्टार भाला फेंक खिलाड़ी नीरज चोपड़ा के लिए मिलाजुला अनुभव लेकर आया। वह करियर में पहली बार 90 मीटर का आंकड़ा पार करने के बावजूद दूसरे स्थान पर रहे। हालांकि, नीरज का मानना है कि वह आगे के टूर्नामेंट्स में भी 90 मीटर की दूरी तय कर सकते हैं, क्योंकि उनकी कमर की चोट लगभग ठीक हो गई है। इस स्टार भारतीय एथलीट का कहना है कि वह पिछले कुछ वर्षों में इसी दिक्कत से जूझ रहे थे और तभी 90 मीटर की दूरी नहीं कर पा रहे थे। हालांकि, अब वह तैयार हैं और विश्व चैंपियनशिप में भी कमाल करने की कोशिश करेंगे।
नीरज ने पहली बार पार किया 90 मीटर का आंकड़ा
दो बार के ओलंपिक पदक विजेता 27 साल के नीरज ने दोहा डायमंड लीग में अपने तीसरे प्रयास में 90.23 मीटर की दूरी तय की और वह 90 मीटर भाला फेंकने वाले दुनिया के कई दिग्गजों की सूची में शामिल हो गए। नीरज के मौजूदा कोच चेक गणराज्य के यान जेलेज्नी के नाम विश्व रिकॉर्ड है। नीरज यह उपलब्धि हासिल करने वाले तीसरे एशियाई और कुल मिलाकर 25वें खिलाड़ी बन गए। हालांकि, दोहा में जूलियन वेबर ने बाजी पलट दी और अपने छठे और अंतिम थ्रो में नीरज से ज्यादा दूर भाला फेंक कर शीर्ष स्थान हासिल किया। वेबर ने 91.06 मीटर दूर भाला फेंके। वेबर के अंतिम प्रयास से पहले नीरज आगे चल रहे थे।
नीरज ने कहा कि उनका सर्वश्रेष्ठ थ्रो आना अभी बाकी है
पीठ की समस्या ठीक होने के बाद नीरज ने कहा कि उनका सर्वश्रेष्ठ आना अभी बाकी है। फैंस इस साल उनसे 90 मीटर के और थ्रो की उम्मीद कर सकते हैं, जो पिछले पांच वर्षों से उनके लिए एक मायावी उपलब्धि है। आत्मविश्वास से भरे और चोट-मुक्त नीरज जेलेज्नी के मार्गदर्शन में कुछ पहलुओं को ठीक करने की कोशिश कर रहे हैं। पिछले साल नवंबर में जेलेज्नी को नीरज का कोच बनाया गया था, लेकिन नीरज ने कहा कि वे इस साल फरवरी से ही साथ काम कर रहे हैं।
नीरज के लिए यह कड़वा मीठा अनुभव है
नीरज ने मैच के बाद कहा, 'मैं 90 मीटर का आंकड़ा छूकर बहुत खुश हूं, लेकिन यह वास्तव में थोड़ा कड़वा-मीठा अनुभव है। कोई बात नहीं, मैं और मेरे कोच अभी भी मेरे थ्रो के कुछ पहलुओं पर काम कर रहे हैं। हमने इस साल फरवरी में ही साथ काम करना शुरू किया था। मैं अभी भी चीजें सीख रहा हूं। पिछले कुछ वर्षों में मुझे हमेशा कमर में दर्द महसूस होता था और परेशानी रहती थी। इस वजह से मैं अपना सर्वश्रेष्ठ नहीं दे पा रहा था। इस साल मैं बहुत बेहतर महसूस कर रहा हूं, हम कुछ पहलुओं पर भी काम करेंगे और इसलिए मुझे विश्वास है कि मैं इस साल विश्व चैंपियनशिप तक आने वाले इवेंट में 90 मीटर से अधिक थ्रो कर सकता हूं।'
विश्व चैंपियनशिप 13 से 21 सितंबर तक टोक्यो में
विश्व चैंपियनशिप 13 से 21 सितंबर तक टोक्यो में आयोजित की जाएगी। दोहा डायमंड लीग के बाद नीरज पोलैंड में ओरलेन जानुज कुसोसिंकी स्मृति टूर्नामेंट खेलेंगे। वह 24 जून से चेक गणराज्य में गोल्डन स्पाइक 2025 में भाग लेंगे जहां पिछले दो सत्र में वह चोट के कारण नहीं खेल सके थे। अब जब 90 मीटर का आंकड़ा पार हो गया है, तो उनके अगले लक्ष्य के बारे में पूछे जाने पर नीरज ने कहा, 'मेरा अगला लक्ष्य सिर्फ 90 मीटर भाला फेंकना है, इससे कम नहीं। मेरा मानना है कि मैं और दूर तक फेंकने के लिए तैयार हूं। यह एक लंबे सत्र की शुरुआत है।'
'मुझे बहुत खुशी है कि जेलेज्नी मेरे कोच हैं'
नीरज ने कहा, 'मुझे बहुत खुशी है कि जेलेज्नी मेरे कोच हैं और हमने दक्षिण अफ्रीका में बहुत मेहनत की है। हम अभी भी कुछ पहलुओं पर काम कर रहे हैं।' नीरज ने कहा कि यहां की परिस्थितियों ने भी उन्हें बड़े थ्रो करने में मदद की और जेलेज्नी ने भी उन्हें बताया कि वह 90 मीटर का आंकड़ा पार कर सकते हैं। उन्होंने कहा, 'जब मैं वार्म-अप थ्रो कर रहा था, तो मेरे कोच ने कहा कि यही वह दिन है जब मैं 90 मीटर थ्रो कर सकता हूं। मेरे 90 मीटर थ्रो के बाद भी, उन्होंने मुझसे कहा कि मैं दो या तीन मीटर और दूर तक थ्रो कर सकता हूं।'
'मैंने वेबर स कहा कि हम 90 मीटर थ्रो कर सकते हैं'
नीरज ने कहा, 'हवा निश्चित रूप से मदद करती है और मौसम थोड़ा गर्म है और इससे मदद मिलती है। यह साल की पहली प्रतियोगिता है, इसलिए हर कोई लंबे समय के बाद एक नई मानसिकता के साथ आया था और थ्रो के लिए अंदर से भूख थी। मैंने जूलियन (वेबर) से भी कहा कि हम 90 मीटर थ्रो कर सकते हैं। मैं उनके लिए भी खुश हूं। हमने इतने वर्षों से 90 मीटर के लिए बहुत मेहनत की है और इसलिए हम खुश हैं। यह हमारे बीच एक अच्छी पुश की तरह है और अगली प्रतियोगिता में हम एक-दूसरे को फिर से पुश करेंगे और दूर तक थ्रो करेंगे।'
नीरज को इस बात का है अफसोस
नीरज इस बात से दुखी हैं कि जब उन्होंने पहले राष्ट्रीय रिकॉर्ड तोड़ा था, तब भी उन्हें दूसरे स्थान पर रहना पड़ा था और इस बार जब पहली बार 90 मीटर का आंकड़ा पार कर राष्ट्रीय रिकॉर्ड कायम किया, तब भी दूसरे स्थान पर रहना पड़ा। उन्होंने कहा, 'ऐसा पहले भी हुआ था। जब मैंने तुर्कू में 89 मीटर से अधिक की थ्रो फेंकी थी और राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाया था, तो भी मैं दूसरे स्थान पर रहा था। स्टॉकहोम डीएल में जब मैंने 89.94 मीटर फेंका, तो मैं फिर से दूसरे स्थान पर रहा। यहां भी ऐसा ही हुआ।'
वेबर ने कहा कि उन्हें भी लगा था 90 मीटर छू सकते हैं
वहीं, वेबर ने कहा कि उन्होंने कुछ अतिरिक्त नहीं किया, लेकिन उन्हें लग रहा था कि वे यहां 90 मीटर का आंकड़ा पार कर सकते हैं। उन्होंने कहा, 'मुझे नहीं पता था कि यह कैसे हुआ। मेरे फिजियोथेरेपिस्ट की बदौलत मुझे बहुत अच्छी मालिश मिली। मजा आया। नीरज ने अपना पहला 90 मीटर से अधिक फेंका और मैं अपने आखिरी थ्रो में उस निशान से आगे निकल गया और वह बिल्कुल सही था।
'हम लंबे समय से 90 मीटर थ्रो के लिए लड़ रहे थे'
वेबर ने कहा, 'मैं नीरज के लिए बहुत खुश था। हम लंबे समय से 90 मीटर थ्रो के लिए लड़ रहे थे और हम दोनों ने अब इसे हासिल कर लिया। इसलिए, यह हमारे लिए बहुत खास था।' यह वेबर का पहला 90 मीटर से अधिक का प्रयास भी था और वह प्रतिष्ठित मार्क को पार करने वाले 26वें भाला फेंकने वाले एथलीट बन गए। उनका प्रयास इस सीजन में अब तक का बेस्ट थ्रो है। दो बार के विश्व चैंपियन और पेरिस ओलंपिक के कांस्य पदक विजेता ग्रेनेडा के एंडरसन पीटर्स 84.65 मीटर के अपने शुरुआती थ्रो के साथ तीसरे स्थान पर रहे।