उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में गुरुवार और शुक्रवार (17 व 18 अप्रैल) को होने वाले अमर उजाला के वैचारिक संवाद कार्यक्रम में देश की जानी मानी शख्सियतों, नीति नियंताओं, विचारकों और विशेषज्ञों के विचार जानने और उनसे रूबरू होने का मौका मिलेगा। इस कार्यक्रम में खेल और फिल्म जगत की हस्तियों से लेकर राजनीति के पुरोधा जुटेंगे। 17 अप्रैल को संवाद का शुभारंभ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ करेंगे। इस कार्यक्रम में भारत की जानी-मानी बॉक्सर निकहत जरीन भी शिरकत करेंगी। इस दौरान उनसे बॉक्सिंग से जुड़ी कुछ दिलचस्प घटनाओं पर बातचीत होगी।
निकहत का सफर
निकहत के लिए बॉक्सिंग में करियर बनाना आसान नहीं था। उनका जन्म तेलंगाना के निजामाबाद में 14 जून 1996 को हुआ था। उनके पिता का नाम मोहम्मद जमील अहमद और मां का नाम परवीन सुल्ताना है। निकहत के परिवार में उनसे बड़ी दो बहनें और एक छोटी बहन है। चार बेटियों के पिता जमील अहमद सेल्समैन का काम करते हैं और मां गृहणी हैं।
13 की उम्र में शुरू की बॉक्सिंग
निकहत ने महज 13 साल की उम्र में बॉक्सिंग शुरू कर दी थी, लेकिन उनके लिए यह आसान नहीं था। समाज की तरफ से उन पर हिजाब पहनने का दबा डाला गया। उनके शॉर्ट्स पहनने पर भी आपत्ति जताई गई। हालांकि, निकहत के पास उनके परिवार का समर्थन था और वह इन सब चीजों से लड़ते हुए कड़ी प्रैक्टिस पर लगी रहीं। निकहत के पिता जमील अहमद खुद पूर्व फुटबॉलर और क्रिकेटर रह चुके हैं। ऐसे में उन्होंने बेटी को खेल में करियर बनाने के लिए प्रोत्साहित किया। निकहत लड़कों के साथ प्रैक्टिस करती थीं और इस पर कई तरह की बातें की जाती थीं, लेकिन वह सब कुछ अनसुना करते हुए लगी रहीं।
निकहत ने अपनी शुरुआती शिक्षा निजामाबाद के निर्मला हृदय गर्ल्स हाई स्कूल से ही पूरी की। बाद में हैदराबाद के एवी कॉलेज से स्नातक की डिग्री हासिल की। इस बीच निकहत बॉक्सिंग भी सीखती रहीं। निकहत के चाचा शमशामुद्दीन एक बॉक्सिंग कोच हैं और उनका बेटा भी मुक्केबाज है। ऐसे में निकहत ने उनसे बॉक्सिंग सीखना शुरू किया।
कॉलेज में ही शुरू हुआ बॉक्सिंग करियर
ग्रेजुएशन के दौरान एवी कॉलेज से ही निकहत ने बॉक्सिंग करियर की शुरुआत की। उन्हें पहली सफलता साल 2010 में मिली। 15 साल की निकहत ने नेशनल सब जूनियर मीट में शानदार प्रदर्शन किया। उसके बाद साल 2011 में तुर्की में हुए महिला जूनियर यूथ वर्ल्ड बॉक्सिंग चैंपियनशिप में फ्लाई वेट में गोल्ड जीता। उस साल निकहत ने अंतर्राष्ट्रीय मुक्केबाजी संघ महिला युवा और जूनियर विश्व चैंपियनशिप में गोल्ड जीत कर बॉक्सिंग में अपनी स्थिति को मजबूत कर लिया। निकहत ने बैंकॉक में हुए ओपन इंटरनेशनल बॉक्सिंग टूर्नामेंट में रजत पदक हासिल किया। साल 2014 में नेशनल कप इंटरनेशनल बॉक्सिंग टूर्नामेंट में स्वर्ण जीता।
निकहत जरीन की उपलब्धियां
2011 में महिला जूनियर युवा विश्व बॉक्सिंग चैंपियनशिप जीती।
2014 में युवा विश्व बॉक्सिंग चैंपियनशिप में रजत पदक जीता।
2014 में नेशन कप अंतरराष्ट्रीय बॉक्सिंग टूर्नामेंट जीता।
2015 में सीनियर महिला बॉक्सिंग चैंपियनशिप जीती।
2019 में थाईलैंड ओपन में रजत और स्त्रांजा बॉक्सिंग टूर्नामेंट में स्वर्ण पदक जीता।
2022 में स्त्रांजा बॉक्सिंग टूर्नामेंट और महिला विश्व बॉक्सिंग चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीता।
2022 राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण पदक जीता।
2023 महिला विश्व बॉक्सिंग चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीता।