बॉक्सिंग इंडिया (बीआई) ने दावा किया है कि वर्ल्ड चैंपियनशिप में जाने वाली बॉक्सरों का चयन नियमों के तहत किया गया है। खुद आईबा ने महिला बॉक्सरों के चैंपियनशिप में भाग लेने के लिए नो प्रेगनेंसी सर्टीफिकेट जारी किया है।
इस सर्टीफिकेट पर मेडिकल ऑफिसर के हस्ताक्षर किए जाने के बाद आयोजनकर्ताओं को दिया जाना है। यही नहीं टेस्ट कराने के लिए खुद महिला बॉक्सरों ने चीफ कोच को पत्र लिखा था। इसके बाद ही साई को सूचित कर बॉक्सरों के टेस्ट कराए गए।
कोच को दिए गए पत्र में सभी महिला बॉक्सरों ने सर्टीफिकेट देने के लिए टेस्ट कराने के लिए कहा है। वहीं बीआई ने यह भी दावा किया है कि किसी भी जूनियर बॉक्सर का टेस्ट नहीं कराया गया है। आईबा के दिशानिर्देशों के मुताबिक चैंपियनशिप में भाग लेने वाला बॉक्सर 19 साल से कम आयु का नहीं होगा। टीम में शामिल सबसे कम उम्र की बॉक्सर का जन्म 1994 का है।
बीआई के अध्यक्ष संदीप जाजोदीया ने भी माना कि जांच नियमों के तहत कराए गए हैं। आईबा के नियमों के तहत ही ये टेस्ट कराए गए हैं।
इंडियन फेडरेशन ऑफ स्पोर्ट्स मेडिसिन के अध्यक्ष डॉक्टर पीएसएम चंद्रन ने राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के अलावा राष्ट्रीय महिला आयोग से भी इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप करने की मांग की है।