कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में रजत पदक जीतने के बाद नीरज चोपड़ा ने बताया कि पिछले 10 महीने चोटों और रिकवरी के कारण उनके करियर के सबसे कठिन दौर रहे। उन्होंने कहा कि यह पदक उनके लिए सिर्फ एक उपलब्धि नहीं, बल्कि संघर्ष, धैर्य और वापसी की कहानी है।
भारत के स्टार जेवलिन थ्रोअर और ओलंपिक एवं विश्व चैंपियनशिप के स्वर्ण पदक विजेता नीरज चोपड़ा ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में रजत पदक जीतने के बाद अपनी लंबी चोट और संघर्ष भरी वापसी को याद करते हुए भावुक संदेश साझा किया। उन्होंने कहा कि यह पदक उनके लिए केवल एक दूरी (थ्रो) नहीं, बल्कि पिछले 10 महीनों की कठिन मेहनत, धैर्य और संघर्ष का प्रतीक है।
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भारत ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के पुरुष भाला फेंक स्पर्धा में ऐतिहासिक प्रदर्शन करते हुए डबल पोडियम फिनिश दर्ज की। नीरज चोपड़ा ने 85.83 मीटर के सर्वश्रेष्ठ थ्रो के साथ रजत पदक अपने नाम किया, जबकि डेब्यू कर रहे यशवीर सिंह ने कांस्य पदक जीतकर भारत को शानदार सफलता दिलाई।
नीरज चोपड़ा
- फोटो : IANS
'10 महीने सबसे कठिन रहे'
नीरज चोपड़ा ने अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट पर लिखा कि बीते 10 महीने उनके जीवन के सबसे चुनौतीपूर्ण दौर में से एक रहे। इस दौरान उन्हें कई चोटों से जूझना पड़ा और शरीर को दोबारा तैयार करने के साथ-साथ अपनी लय हासिल करने के लिए लगातार मेहनत करनी पड़ी।
उन्होंने लिखा, 'कुछ थ्रो सिर्फ लंबी दूरी तय करते हैं, लेकिन कुछ पल पूरी यात्रा का भार अपने साथ लेकर चलते हैं। यह मेरे लिए दूरी से कहीं ज्यादा मायने रखता है। पिछले 10 महीनों ने मुझे ऐसे-ऐसे इम्तिहानों से गुजरने पर मजबूर किया, जिसकी मैंने कभी कल्पना भी नहीं की थी। कई चोटों से उबरना, अपने शरीर को फिर से तैयार करना, लय हासिल करना और धैर्य रखना आसान नहीं था। मैं हर दिन ट्रेनिंग कर रहा था, लेकिन यह भी नहीं जानता था कि इस साल किसी प्रतियोगिता में हिस्सा ले पाऊंगा या नहीं।'
नीरज चोपड़ा
- फोटो : IANS
फिजियो, कोच, परिवार और प्रशंसकों का जताया आभार
नीरज ने अपनी सफल वापसी का श्रेय अपने फिजियो, कोच, परिवार और सभी समर्थकों को दिया। उन्होंने कहा कि इन सभी लोगों ने मुश्किल समय में उनका हौसला बढ़ाया और कभी उनका साथ नहीं छोड़ा।
उन्होंने कहा, 'आज फिर से इस स्तर पर प्रतिस्पर्धा करना अच्छा लग रहा है। यह सब मैं अकेले नहीं कर सकता था। मेरे फिजियो ईशान जी, जिन्होंने रिकवरी के हर कदम पर मेरा साथ दिया। मेरे कोच जय, जो उस दिन से मेरे साथ हैं जब मैंने पहली बार भाला उठाया था। मेरा परिवार, जिसने हर परिस्थिति में मेरा साथ दिया। आप सभी के प्यार, समर्थन और आशीर्वाद के लिए धन्यवाद। सीजन अभी जारी है और मैं एक-एक कदम आगे बढ़ रहा हूं।'
नीरज चोपड़ा
- फोटो : IANS
लुसाने डायमंड लीग में होगी अगली चुनौती
कॉमनवेल्थ गेम्स के बाद नीरज चोपड़ा अब 21 अगस्त को होने वाली लुसाने डायमंड लीग में हिस्सा लेंगे। प्रतियोगिता के आयोजकों ने इसकी पुष्टि की है। यह लुसाने में नीरज की चौथी उपस्थिति होगी। वह कॉमनवेल्थ गेम्स में 85.83 मीटर के सर्वश्रेष्ठ थ्रो के साथ इस प्रतियोगिता में उतरेंगे और अपनी सर्वश्रेष्ठ फॉर्म हासिल करने की कोशिश करेंगे।
भारत के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में पुरुष भाला फेंक स्पर्धा में भारत ने पहली बार दो पदक जीतकर इतिहास रचा। नीरज चोपड़ा के रजत और यशवीर सिंह के कांस्य पदक ने भारतीय एथलेटिक्स के लिए इस प्रतियोगिता को यादगार बना दिया।