मैनचेस्टर यूनाइटेड और टोटेनहम बुधवार को यूरोपा लीग के फाइनल में भिड़ेंगे। ऑल-इंग्लिश मुकाबले के विजेता को खिताब के साथ चैंपियंस लीग में प्रवेश मिलेगा। इंग्लिश प्रीमियर लीग में खराब प्रदर्शन के बाद दोनों के पास सत्र में बड़ा कुछ कर दिखाने का मौका है। वो भी दिन थे जब यूनाइटेड का प्रीमियर लीग में दबदबा रहता था और यूरोपियन फुटबाल में उसकी धाक रहती थी। अब ये हाल है कि 12 साल से टीम ने इंग्लिश खिताब नहीं जीता है। अंक तालिका में 20 टीमों के बीच वह 16वें स्थान पर है और 1992 के बाद यह पहला मौका है कि जब एक सत्र में उसके खाते में 18 हार दर्ज हुई हैं।
यूनाइटेड के रक्षक खिलाड़ी हैरी मैक्वायर मानते हैं कि यह सत्र हमारे स्तर और प्रदर्शन के लिहाज से अच्छा नहीं रहा है। दूसरी ओर इंग्लिश प्रीमियर लीग में टोटेनहम के खाते में 21 हार है और वह यूनाइटेड से एक पायदान नीचे है। वर्ष 2019 में चैंपियंस लीग की उपविजेता टोटेनहम की निगाह 2008 में इंग्लिश लीग कप के बाद पहली ट्रॉफी जीतने पर है। दोनों टीमों में से कोई भी इंग्लिश प्रीमियर लीग की शीर्ष पांच टीमों में शामिल होकर चैंपियंस लीग के लिए क्वालिफाई करने की स्थिति में नहीं है,ऐसे में यूरोपा लीग उनके लिए संजीवनी साबित हो सकती है। चैंपियंस लीग के जरिये रियल मैडि्रड और बार्सिलोना जैसी टीमों के साथ खेलने और बड़ी इनामी राशि पाने का भी मौका मिलता है।
जोशुआत, लेनी और डेलोट फिट
यूनाइटेड के कोच रूबेन एमोरियम के लिए यह राहत की बात है कि उसके तीन प्रमुख खिलाड़ी जोशुआ जिरकेजी, लेनी योरो और डियोगो डेलोट फिट होकर ट्रेनिंग में जुट गए हैं। डेलोट तो पिछले महीने वोल्वस के हाथों मिली हार के बाद से ही पिंडली के चोट के कारण अनफिट चल रहे थे। टोटेनहम के लिए सबसे बड़ी चुनौती यूनाइटेड के आक्रामक फाॅरवर्ड ब्रूनो फर्नांडिज पर अंकुश रखना भी होगी।