दो बार की राष्ट्रमंडल खेलों की चैंपियन मीराबाई चानू एक बार फिर 23 जुलाई से शुरू होने वाले ग्लासगो राष्ट्रमंडल खेलों में भारत के भारोत्तोलन अभियान की अगुआई करेंगी। मीराबाई ने राष्ट्रमंडल खेलों में अब तक तीन पदक (दो स्वर्ण और एक रजत) जीते हैं। वह महिलाओं के 48 किलोग्राम वर्ग में चुनौती पेश करेंगी। चानू के साथ मणिपुर की ही भारोत्तोलक बिंद्यारानी देवी (58 किग्रा) और पंजाब की हरजिंदर कौर (69 किग्रा) भी टीम में शामिल हैं। इन दोनों खिलाड़ियों ने 2022 के बर्मिंघम राष्ट्रमंडल खेलों में रजत पदक जीते थे।
पुरुष वर्ग में बर्मिंघम के कांस्य पदक विजेता लवप्रीत सिंह (+110 किग्रा) भारतीय दल का नेतृत्व करेंगे। इस टीम में पहली बार राष्ट्रमंडल खेलों में डेब्यू कर रहे ऋषिकांत सिंह (60 किग्रा), अजय बाबू (79 किग्रा) और दिलबाग सिंह (94 किग्रा) भी शामिल हैं। भारोत्तोलन की प्रतियोगिताएं 26 से 30 जुलाई तक आयोजित की जाएंगी। भारतीय टीम अनुकूलन शिविर (कंडीशनिंग कैंप) के लिए रविवार को बर्मिंघम रवाना होगी और इसके बाद 23 जुलाई को ग्लासगो के लिए यात्रा करेगी।
राष्ट्रमंडल खेलों में भारत का दबदबा
भारत ने 2018 और 2022 के राष्ट्रमंडल खेलों में भारोत्तोलन में पदक तालिका में शीर्ष स्थान हासिल किया है। उसने 2018 में गोल्ड कोस्ट में खेले गए राष्ट्रमंडल खेलों में पांच स्वर्ण सहित नौ पदक जीते और फिर 2022 में बर्मिंघम में तीन स्वर्ण सहित 10 पदक अपनी झोली में डाले।
भारतीय भारोत्तोलन टीम इस प्रकार है:
महिला टीम: मीराबाई चानू (48 किग्रा), ज्ञानेश्वरी यादव (53 किग्रा), बिंद्यारानी देवी (58 किग्रा), हरजिंदर कौर (69 किग्रा), संजना (77 किग्रा), मार्टिना देवी (+86 किग्रा)।
पुरुष टीम: ऋषिकांत सिंह (60 किग्रा), एम. राजा (65 किग्रा), अजय बाबू (79 किग्रा), दिलबाग सिंह (94 किग्रा), लवप्रीत सिंह (+110 किग्रा)।