पुरुष एकल: जर्मनी के बोरिस बेकर का अटूट रिकॉर्ड
विंबलडन के इतिहास में ओपन एरा की शुरुआत होने के बाद पुरुष एकल वर्ग में सबसे कम उम्र में खिताब जीतने का गौरव जर्मनी के बोरिस बेकर को हासिल है। बेकर ने साल 1985 में महज 17 साल और 227 दिन की उम्र में विंबलडन का खिताब अपने नाम कर लिया था। वह ओपन एरा में इस प्रतिष्ठित ग्रैंड स्लैम को जीतने वाले सबसे युवा क्रिकेटर हैं। इसके अगले साल यानी 1986 में भी उन्होंने अपनी बादशाहत कायम रखी और 18 साल, 7 महीने की उम्र में दोबारा विंबलडन का खिताब जीता।
करियर ग्रैंड स्लैम से चूके बेकर: बोरिस बेकर ने अपने पूरे पेशेवर करियर में कुल 6 ग्रैंड स्लैम खिताब जीते। इनमें ऑस्ट्रेलियन ओपन (1991, 1996), विंबलडन (1985, 1986, 1989) और यूएस ओपन (1989) शामिल हैं। हालांकि, वे अपने करियर में कभी भी फ्रेंच ओपन का खिताब नहीं जीत पाए, जिसके कारण उनका करियर ग्रैंड स्लैम पूरा करने का सपना अधूरा रह गया।
महिला एकल: मार्टिना हिंगिस के नाम है सबसे युवा विजेता का ताज
अगर महिला एकल वर्ग की बात की जाए, तो ओपन एरा में विंबलडन का खिताब जीतने वाली सबसे युवा खिलाड़ी होने का रिकॉर्ड स्विट्जरलैंड की मार्टिना हिंगिस के नाम दर्ज है। हिंगिस ने साल 1997 में सिर्फ 16 साल और 278 दिन की उम्र में विंबलडन जीतकर तहलका मचा दिया था। इस सूची में दूसरे स्थान पर रूस की मारिया शारापोवा हैं, जिन्होंने साल 2004 में 17 साल और 2 महीने की उम्र में यह खिताब अपने नाम किया था।
मार्टिना हिंगिस ने अपने एकल (सिंगल्स) करियर में कुल पांच ग्रैंड स्लैम खिताब जीते हैं। उन्होंने ऑस्ट्रेलियन ओपन (1997, 1998, 1999), विंबलडन (1997) और यूएस ओपन (1997) पर कब्जा जमाया। सिंगल्स के साथ-साथ डबल्स (युगल) में भी हिंगिस का रिकॉर्ड बेहद शानदार रहा है। उन्होंने डबल्स में कुल 13 खिताब जीते हैं, जिसमें चारों ग्रैंड स्लैम शामिल हैं। डबल्स में उन्होंने सबसे ज्यादा 5 बार ऑस्ट्रेलियन ओपन का खिताब अपने नाम किया है।