ब्रिटेन को 77 साल के लंबे इंतजार के बाद पहला एकल चैंपियन देने वाले गत चैंपियन एंडी मरे की सोमवार से शुरू हो रहे साल के तीसरे ग्रैंड स्लैम विंबलडन में राह इस बार काफी मुश्किल होगी।
मरे को लंदन में अपना खिताब बचाने की राह में शीर्ष वरीयता प्राप्त सर्बिया के नोवाक जोकोविच और फ्रेंच ओपन चैंपियन स्पेन के राफेल नदाल की कांटों भरी चुनौती का सामना करना पड़ेगा।
पुरुष वर्ग में जोकोविच, नदाल, मरे के अलावा पूर्व नंबर वन खिलाड़ी स्विट्जरलैंड के रोजर फेडरर और उनके हमवतन खिलाड़ी स्टेनिस्लास वावरिंका भी कड़ी चुनौती पेश करेंगे।
महिला वर्ग में विश्व की नंबर एक खिलाड़ी अमेरिका की सेरेना विलियम्स एक बार फिर खिताब की प्रबल दावेदार रहेंगी।
हालांकि उनके सामने फ्रेंच ओपन चैंपियन बनी रूस की मारिया शारापोवा की कड़ी चुनौती रहेगी। शारापोवा ने विंबलडन में दस साल पहले 2004 में सेरेना को चौंकाकर खिताब जीता था।
इस साल के शुरुआती 2 ग्रैंड स्लैम में अब तक अलग-अलग चैंपियन देखने को मिले हैं। साल के तीसरे ग्रैंड स्लैम विंबलडन में भी यदि ऐसा ही कुछ करिश्मा देखने को मिले तो किसी को हैरत नहीं होगी।
विंबलडन में अब सिर्फ सर्व और वाली से काम नहीं चलता। यहां अब वही खिलाड़ी कामयाब हो रहे हैं तो क्ले कोर्ट और हार्ड कोर्ट की तरह बेसलाइन से लंबी-लंबी रैलियां खेल रहे हैं। ऐसी रैलियां खेलने में जोकोविच और शारापोवा को उस्ताद माना जाता है।