यूएस ओपन महिला एकल फाइनल में एलेना रिबाकिना से हार के बाद आर्यना सबालेंका भावनाओं पर काबू नहीं रख सकीं। लगातार तीसरी बार खिताब जीतने से चूकीं सबालेंका ने रैकेट पटक दिया और बाद में कैमरापर्सन पर भी नाराजगी जताई। हालांकि मैच के बाद उन्होंने हार से सीख लेकर मजबूत वापसी का भरोसा दिया।
यूएस ओपन के खिताबी मुकाबले में लगातार तीसरी बार चैंपियन बनने का सपना टूटने के बाद आर्यना सबालेंका के लिए कोर्ट पर अपनी भावनाओं को संभालना मुश्किल हो गया। बेलारूस की इस स्टार खिलाड़ी को एलेना रिबाकिना ने रोमांचक मुकाबले में 6-4, 5-7, 6-2 से हराकर खिताब अपने नाम कर लिया। मैच का आखिरी अंक खत्म होते ही सबालेंका का निराशा और गुस्सा साफ दिखाई दिया। उन्होंने अपना रैकेट जोर से पटक दिया। इसके बाद जब एक कैमरापर्सन उनकी भावनाओं को कैमरे में कैद करने की कोशिश कर रहा था तो सबालेंका उस पर भी चिल्लाती नजर आईं।
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Rybakina is out here celebrating and Sabalenka is out here destroying her racket 🕊️🕊️🕊️ pic.twitter.com/TqNYLoiscA
सबालेंका के लिए यह हार इसलिए भी ज्यादा कड़वी रही क्योंकि वह लगातार तीसरी बार यूएस ओपन महिला एकल का खिताब जीतने के इरादे से उतरी थीं। पिछले दो संस्करणों में चैंपियन बनने वाली सबालेंका इस बार फाइनल तक तो पहुंचीं, लेकिन रिबाकिना ने उनके अभियान को आखिरी कदम पर रोक दिया।
फाइनल में सबालेंका ने अच्छी शुरुआत की, लेकिन रिबाकिना ने पहला सेट 6-4 से अपने नाम कर लिया। दूसरे सेट में सबालेंका ने वापसी करते हुए 7-5 से जीत हासिल की और मुकाबले को निर्णायक सेट में पहुंचा दिया। हालांकि तीसरे सेट में रिबाकिना ने 6-2 से बाजी मारते हुए पहली बार यूएस ओपन का खिताब अपने नाम कर लिया।
99 हफ्ते की बादशाहत भी खत्म
फाइनल की हार का असर सिर्फ ट्रॉफी तक सीमित नहीं रहा। सबालेंका को दुनिया की नंबर एक खिलाड़ी का स्थान भी गंवाना पड़ा। वह 99 सप्ताह तक महिला टेनिस में शीर्ष स्थान पर बनी रही थीं। रिबाकिना के खिलाफ हार के साथ उनकी यह बादशाहत भी समाप्त हो गई। ऐसे में मैच खत्म होने के बाद उनकी निराशा समझी जा सकती थी। रैकेट पटकने के बाद कैमरापर्सन पर नाराजगी ने उनके गुस्से को और चर्चा में ला दिया। हालांकि बाद में मीडिया से बातचीत में सबालेंका ने हार को लेकर सकारात्मक रुख दिखाया।
'इन सबक से मैं और मजबूत बनूंगी'
सबालेंका ने कहा कि टूर्नामेंट में उनके प्रदर्शन से कई सकारात्मक चीजें निकलकर सामने आई हैं। उन्होंने कहा, 'मुझे लगता है कि कुल मिलाकर मुझे उस स्तर पर खुश होना चाहिए, जिस स्तर का मैंने प्रदर्शन किया। इस टूर्नामेंट से सीखने के लिए बहुत कुछ है।' उन्होंने आगे कहा, 'जैसा कि अनुभव बताता है, मैं हमेशा और मजबूत होकर वापसी करती हूं। इस सत्र में मिली ये सभी सीख पहले ही मुझे मजबूत बना चुकी हैं और निश्चित रूप से अगले साल बेहतर प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित करेंगी।'
अमेरिकी दर्शकों के समर्थन से भी अभिभूत थीं
सबालेंका ने यूएस ओपन के दौरान मिले दर्शकों के समर्थन की भी तारीफ की। उन्होंने कहा कि कई मौकों पर उन्हें ऐसा महसूस हुआ जैसे वह खुद अमेरिका की खिलाड़ी हों। उन्होंने कहा, 'यह शानदार महसूस हुआ। वास्तव में एक समय मुझे लगा, 'हे भगवान, मुझे लगता है कि मैं अमेरिकी हूं।' मैं बस चाहती थी कि मैं जीत सकूं और इस समर्थन को और ज्यादा महसूस कर सकूं।'
रिबाकिना के सामने रख दी 99 हफ्ते की चुनौती
हार के बावजूद सबालेंका का अंदाज पूरी तरह सकारात्मक रहा। उन्होंने रिबाकिना के लिए एक तरह की चुनौती भी छोड़ दी। उन्होंने कहा कि नंबर एक होने के बावजूद खिलाड़ी की पीठ पर हमेशा निशाना रहता है। सबालेंका ने कहा, 'जब आप कोर्ट पर उतरते हैं तो आपकी पीठ पर निशाना होता ही है। इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि आप नंबर एक हैं, नंबर दो, तीन या चार। मैं कड़ी मेहनत करती रहूंगी और अपने खेल और स्तर में सुधार करती रहूंगी। उम्मीद है कि मैं कुछ और टूर्नामेंट जीतूंगी।' जब 99 सप्ताह तक नंबर एक रहने की बात उनसे कही गई तो सबालेंका ने मुस्कुराते हुए रिबाकिना को चुनौती दी, '99? यह शानदार है। देखते हैं कि एलेना इसमें मुझे पीछे छोड़ पाती हैं या नहीं।'